नई दिल्ली: मिजोरम के सैतुअल जिले ने HIV की रोकथाम और उपचार के क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। जिले ने HIV नियंत्रण के लिए तय 95-95-95 के तीनों अंतरराष्ट्रीय लक्ष्यों को पूरा कर लिया है। इसके साथ ही सैतुअल को नेशनल एड्स कंट्रोल ऑर्गनाइजेशन (NACO) के ‘Surakshit HIV Status’ के तहत यह दर्जा पाने वाला मिजोरम का पहला जिला बताया गया है।
सैतुअल की यह उपलब्धि HIV की पहचान, उपचार और वायरल लोड को नियंत्रित करने की दिशा में जिले की प्रगति को दर्शाती है।
क्या है 95-95-95 रणनीति?
HIV नियंत्रण के लिए UNAIDS की 95-95-95 रणनीति के तहत तीन प्रमुख लक्ष्य निर्धारित किए गए हैं।
- HIV के साथ रहने वाले अनुमानित लोगों में से कम से कम 95 प्रतिशत लोगों को अपनी HIV स्थिति की जानकारी हो।
- HIV पॉजिटिव पाए गए लोगों में से 95 प्रतिशत को एंटीरेट्रोवायरल थेरेपी (ART) उपलब्ध हो।
- ART ले रहे लोगों में से 95 प्रतिशत में वायरल लोड दबा हुआ हो।
इन तीनों मानकों को पूरा करने वाले जिलों को HIV नियंत्रण की दिशा में बेहतर प्रदर्शन करने वाला माना जाता है।
MAS अभियान में जिलों की चार श्रेणियां
NACO के Mobilisation AIDS Suraksha (MAS) अभियान के तहत जिलों के प्रदर्शन को अलग-अलग श्रेणियों में रखा गया है। इसका उद्देश्य HIV की रोकथाम, जांच और उपचार को मजबूत करते हुए संक्रमण की श्रृंखला को तोड़ना है।
इस व्यवस्था में जिलों को मुख्य रूप से चार श्रेणियों में बांटा गया है:
Struggling: तीनों लक्ष्यों में से कोई भी लक्ष्य हासिल नहीं करने वाले जिले।
Capable: दो लक्ष्यों को पूरा करने वाले जिले।
Safe: तीनों 95-95-95 लक्ष्यों को प्राप्त करने वाले जिले।
Safe+: ऐसे जिले जहां मां से बच्चे में HIV संक्रमण को शून्य करने की दिशा में निर्धारित मानक हासिल किए गए हों।
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, अगस्त की रिपोर्ट में सैतुअल को ‘Safe’ श्रेणी में शामिल किया गया। यह मिजोरम का पहला और एकमात्र जिला बताया गया है जिसने यह स्तर हासिल किया है।
अभियान की शुरुआत का क्या है उद्देश्य?
MAS अभियान की शुरुआत इस साल फरवरी में की गई थी। इसके तहत जिलों में HIV से संबंधित आंकड़ों, जांच, उपचार और रोकथाम की स्थिति की लगातार समीक्षा की जाती है। जिला स्तर पर अधिकारियों की निगरानी में प्रगति का आकलन किया जाता है।
इस अभियान का व्यापक उद्देश्य 95-95-95 लक्ष्यों को हासिल कर HIV संक्रमण के प्रसार को नियंत्रित करना है।
HIV से बचाव के लिए किन बातों का रखें ध्यान?
HIV से बचाव के लिए सुरक्षित व्यवहार और समय पर स्वास्थ्य सेवाओं का इस्तेमाल महत्वपूर्ण है।
1. सुरक्षित यौन व्यवहार अपनाएं
HIV संक्रमित व्यक्ति के कुछ शारीरिक द्रवों के संपर्क से फैल सकता है। यौन संबंधों में कंडोम का सही और लगातार इस्तेमाल संक्रमण के जोखिम को कम करने के प्रभावी तरीकों में शामिल है।
कंडोम का इस्तेमाल सही तरीके से करना जरूरी है। इससे HIV के साथ-साथ कई अन्य यौन संचारित संक्रमणों (STI/STD) का खतरा भी कम किया जा सकता है।
2. HIV और अन्य STI की जांच कराएं
अगर संक्रमण का जोखिम रहा हो या HIV को लेकर कोई आशंका हो, तो स्वास्थ्यकर्मी की सलाह से जांच कराना उचित है। समय पर HIV की पहचान होने पर उपचार जल्द शुरू किया जा सकता है और स्वास्थ्य को बेहतर तरीके से नियंत्रित किया जा सकता है।
3. जोखिम वाले यौन संपर्क को कम करें
यौन संपर्क से जुड़े जोखिम कई परिस्थितियों पर निर्भर करते हैं। सुरक्षित यौन व्यवहार अपनाने और जोखिम वाले संपर्कों को कम करने से HIV संक्रमण की संभावना घटाई जा सकती है।
4. सुई या इंजेक्शन साझा न करें
दूसरे व्यक्ति के साथ सुई या इंजेक्शन उपकरण साझा करना HIV और हेपेटाइटिस जैसे रक्त से फैलने वाले संक्रमणों का जोखिम बढ़ा सकता है। इसलिए हमेशा नई और सुरक्षित सुई/इंजेक्शन उपकरण का इस्तेमाल किया जाना चाहिए।
5. HIV उपचार नियमित रूप से जारी रखें
HIV से संक्रमित लोगों के लिए डॉक्टर की सलाह के अनुसार ART लेना बेहद महत्वपूर्ण है। नियमित उपचार से शरीर में वायरस की मात्रा को नियंत्रित करने में मदद मिलती है और संक्रमण के आगे प्रसार का जोखिम काफी कम किया जा सकता है।
HIV टेस्ट कब जरूरी है?
यदि किसी व्यक्ति को लगता है कि वह HIV के संपर्क में आया है या उसके व्यवहार/परिस्थिति के कारण संक्रमण का जोखिम रहा है, तो स्वास्थ्य विशेषज्ञ से संपर्क कर जांच के बारे में सलाह लेनी चाहिए।
HIV की पुष्टि होने पर समय पर उपचार शुरू करना स्वास्थ्य प्रबंधन के लिए महत्वपूर्ण है। उपचार और नियमित चिकित्सकीय निगरानी से HIV को नियंत्रित रखने में मदद मिलती है।
नोट: HIV से जुड़ी जांच, उपचार और रोकथाम के लिए योग्य स्वास्थ्यकर्मी या अधिकृत स्वास्थ्य केंद्र की सलाह लेना सबसे उचित है।
