लातेहार: झारखंड आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा की लातेहार जिला इकाई ने मंगलवार को अपनी विभिन्न मांगों को लेकर समाहरणालय के बाहर प्रदर्शन किया। कार्यक्रम की अगुवाई संगठन के जिलाध्यक्ष विश्वनाथ प्रसाद ने की। प्रदर्शन में संगठन के संस्थापक सह प्रधान सचिव पुष्कर महतो, कार्यकारी अध्यक्ष रोजलीन तिर्की और केंद्रीय सचिव राशिद खान भी शामिल हुए।
प्रदर्शन के बाद आंदोलनकारियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने उपायुक्त से मुलाकात कर मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपा। संगठन ने गृह विभाग की ओर से उपलब्ध कराई गई झारखंड आंदोलनकारियों की सूची के आधार पर जिले के आंदोलनकारियों को उचित सम्मान देने की मांग की।
सूची सार्वजनिक करने की मांग
जिलाध्यक्ष विश्वनाथ प्रसाद ने कहा कि आंदोलनकारियों की सूची सभी प्रखंडों तक पहुंचाई जानी चाहिए। उनका आरोप है कि प्रशासन की ओर से अब तक सूची को सार्वजनिक नहीं किया गया है, जिससे आंदोलनकारियों में असंतोष है।
उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने झारखंड राज्य के आंदोलन में योगदान दिया, उन्हें सरकारी स्तर पर सम्मान और उनकी पहचान सुनिश्चित की जानी चाहिए।
50 हजार रुपये मासिक पेंशन की मांग
ज्ञापन में आंदोलनकारियों ने कई मांगें रखीं। इनमें राजकीय सम्मान और अलग पहचान देने, आंदोलनकारियों के आश्रितों को स्थानीय स्तर पर सीधे नियुक्ति का अवसर उपलब्ध कराने तथा पेंशन व्यवस्था में बदलाव प्रमुख हैं।
संगठन ने जेल जाने की अनिवार्यता समाप्त करते हुए सभी पात्र झारखंड आंदोलनकारियों को 50 हजार रुपये प्रतिमाह सम्मान पेंशन देने की मांग की है।
प्रतिनिधिमंडल में अली हसन अंसारी, विलंगना किंडो, वीरेंद्र ठाकुर, रंजीत टोप्पो और राजेश लकड़ा समेत अन्य लोग शामिल रहे। प्रदर्शन के दौरान बरला उरांव, लक्ष्मण सिंह, जयराम उरांव, शुक्र गंझू, बोरखान साहू, रजनी देवी, अशोक तिवारी, कमलेश कुमार, सीमा देवी, मनोज उरांव सहित बड़ी संख्या में आंदोलनकारी मौजूद थे।
