रांची: झारखंड के शहरी इलाकों में रहने वाले जरूरतमंद परिवारों के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के तहत बड़े पैमाने पर आवास निर्माण की तैयारी है। राज्य के विभिन्न नगर निकायों में कुल 36,793 पक्के मकान बनाए जाने की योजना है। आवासों की संख्या के मामले में गिरिडीह, रामगढ़ और रांची प्रमुख निकायों में शामिल हैं।
योजना के तहत गिरिडीह में 3,322, रामगढ़ में 2,951 और रांची में 2,902 आवास प्रस्तावित हैं। इसके अलावा हरिहरगंज में 2,208, छतरपुर में 1,746, विश्रामपुर में 1,633, मधुपुर में 1,477 और देवघर में 1,319 घर बनाए जाने हैं।
2025 से 2029 तक लागू होगी योजना
इस योजना के लिए वर्ष 2025 से 2029 की अवधि को ध्यान में रखते हुए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार की गई है। व्यक्तिगत आवास निर्माण यानी BLC घटक के तहत इसे दो चरणों में लागू करने का खाका तैयार किया गया है।
पहले चरण में 44 नगर निकायों के 22,709 लाभुकों को शामिल किया गया है, जबकि दूसरे चरण में 14,084 पात्र परिवारों के लिए आवास स्वीकृत किए गए हैं।
जांच में 181 आवेदन मिले अपात्र
योजना में पात्र लोगों तक लाभ पहुंचाने के लिए आवेदनों की जांच की गई। केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय के पोर्टल पर उपलब्ध करीब 66 हजार आवेदनों के सत्यापन के दौरान 181 ऐसे नाम सामने आए, जिन्होंने पहले ही आवास योजना का लाभ लिया था।
जांच के बाद इन दोहराए गए नामों को सूची से हटाया गया और पात्र लाभुकों की संख्या 14,084 निर्धारित की गई। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि योजना का लाभ वास्तविक जरूरतमंद परिवारों को मिले।
प्रत्येक आवास पर 2.50 लाख रुपये की सहायता
योजना के तहत एक पक्का मकान बनाने के लिए कुल 2.50 लाख रुपये की सरकारी सहायता का प्रावधान बताया गया है। इसमें केंद्र की ओर से 1.50 लाख रुपये और राज्य सरकार की ओर से 1 लाख रुपये की सहायता शामिल है। इसके अतिरिक्त लाभुक का निर्धारित अंशदान भी रहेगा।
प्रमुख नगर निकायों में स्वीकृत आवास
| नगर निकाय | आवास |
|---|---|
| गिरिडीह | 3,322 |
| रामगढ़ | 2,951 |
| रांची | 2,902 |
| हरिहरगंज | 2,208 |
| छतरपुर | 1,746 |
| विश्रामपुर | 1,633 |
| मधुपुर | 1,477 |
| देवघर | 1,319 |
| धनबाद | 1,265 |
| चतरा | 1,131 |
| महागामा | 1,110 |
| मिहिजाम | 1,059 |
| लोहरदगा | 1,045 |
| मेदिनीनगर | 955 |
| चास | 871 |
| हजारीबाग | 854 |
| हुसैनाबाद | 805 |
| बरहरवा | 712 |
| चिरकुंडा | 691 |
| नगर उंटारी | 685 |
| गोड्डा | 675 |
| जामताड़ा | 651 |
| मझिआंव | 546 |
| झुमरी तिलैया | 522 |
| बासुकीनाथ | 493 |
| चाईबासा | 452 |
| सिमडेगा | 407 |
| खूंटी | 374 |
| डोमचांच | 323 |
| बुंडू | 320 |
| धनवार | 309 |
| चाकुलिया | 304 |
| गढ़वा | 300 |
| पाकुड़ | 272 |
| बड़की सरैया | 261 |
| राजमहल | 244 |
| आदित्यपुर | 223 |
| चक्रधरपुर | 222 |
| फुसरो | 207 |
| कपाली | 205 |
| दुमका | 192 |
| गुमला | 162 |
| साहिबगंज | 105 |
| लातेहार | 98 |
| कोडरमा | 89 |
| सरायकेला | 49 |
| मानगो | 47 |
| कुल | 36,793 |
योजना के क्रियान्वयन से शहरी क्षेत्र के आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को अपना पक्का घर बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
