हजारीबाग: खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) यानी MMDR संशोधन विधेयक को लेकर झारखंड में राजनीतिक विरोध तेज हो गया है। हजारीबाग जिला कांग्रेस अध्यक्ष जयप्रकाश भाई पटेल ने केंद्र सरकार से इस विधेयक को वापस लेने की मांग की है। उन्होंने दावा किया कि प्रस्तावित प्रावधानों से राज्य की आर्थिक स्थिति और जनकल्याणकारी योजनाओं पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है।
कांग्रेस कार्यालय कृष्ण बल्लभ आश्रम में आयोजित प्रेस वार्ता में जयप्रकाश भाई पटेल ने कहा कि संशोधन विधेयक में खनिजों पर सेस से जुड़े प्रावधानों में बदलाव किया गया है। उनके मुताबिक, खनिज संसाधनों से मिलने वाले राजस्व में कमी आने पर राज्य की स्वास्थ्य, शिक्षा, आवास, पेंशन और मंईयां सम्मान जैसी योजनाएं प्रभावित हो सकती हैं।
उन्होंने केंद्र सरकार पर झारखंड की बकाया राशि का भुगतान नहीं करने का भी आरोप लगाया। पटेल ने दावा किया कि राज्य को करीब 1.36 लाख करोड़ रुपये की राशि अभी प्राप्त नहीं हुई है। उनका कहना है कि नए कानून के लागू होने से झारखंड को हर साल लगभग 15 से 16 हजार करोड़ रुपये के राजस्व का नुकसान हो सकता है।
27 अगस्त को कांग्रेस का प्रदर्शन
जयप्रकाश भाई पटेल ने बताया कि संशोधन विधेयक के विरोध में कांग्रेस की ओर से 27 अगस्त को जिला उपायुक्त कार्यालय के समक्ष धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। प्रदर्शन के बाद राष्ट्रपति के नाम उपायुक्त को ज्ञापन सौंपने की भी योजना है।
प्रेस वार्ता में प्रदेश प्रवक्ता साकेत सौरव के अलावा पूर्व जिला अध्यक्ष आबिद अंसारी, निसार खान, परवेज अहमद, दिलीप कुमार रवि, विजय कुमार सिंह समेत पार्टी के अन्य नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
कांग्रेस नेताओं ने केंद्र सरकार से विधेयक पर पुनर्विचार करने और झारखंड के हितों को ध्यान में रखते हुए इसे वापस लेने की मांग की।
