हजारीबाग: जिले में कल्याण विभाग के तहत चल रही विभिन्न योजनाओं की प्रगति को लेकर सोमवार को समीक्षा बैठक आयोजित की गई। उपायुक्त हेमन्त सती ने बैठक की अध्यक्षता करते हुए अधिकारियों से योजनाओं की वर्तमान स्थिति की जानकारी ली और लंबित कार्यों को निर्धारित समयसीमा में पूरा करने के निर्देश दिए।
बैठक में बिरहोर टांडा में बनाए गए आवास, सरना-मसना योजना, कब्रिस्तान घेराबंदी, मुख्यमंत्री रोजगार सृजन योजना, पशुपालन योजना और विभिन्न छात्रावासों से जुड़े कार्यों की समीक्षा की गई।
अधिकारियों के बीच जिम्मेदारी स्पष्ट करने का निर्देश
उपायुक्त ने जिला कल्याण पदाधिकारी को कल्याण शाखा में कार्यरत अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच स्पष्ट जिम्मेदारी तय करने को कहा। उनका निर्देश था कि प्रत्येक स्तर पर काम की जवाबदेही सुनिश्चित हो, जिससे योजनाओं के क्रियान्वयन में अनावश्यक देरी न हो।
सरना-मसना योजना की समीक्षा के दौरान वित्तीय वर्ष 2025-26 और 2026-27 की अधूरी योजनाओं की जानकारी ली गई। उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को लंबित कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराने के निर्देश दिए।
कब्रिस्तान घेराबंदी के काम में तेजी लाने को कहा
बैठक में कब्रिस्तान घेराबंदी से जुड़े कार्यों की भी समीक्षा हुई। उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक प्रक्रिया पूरी करते हुए काम जल्द शुरू कराने का निर्देश दिया, ताकि योजनाओं का लाभ समय पर संबंधित क्षेत्रों को मिल सके।
रोजगार सृजन योजना के पात्र आवेदनों को मंजूरी देने का निर्देश
मुख्यमंत्री रोजगार सृजन योजना की प्रगति पर चर्चा करते हुए उपायुक्त ने अधिकारियों से प्राप्त आवेदनों की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि सभी पात्र आवेदनों को नियमानुसार स्वीकृत कर आगे राज्य सरकार को भेजने की प्रक्रिया समय पर पूरी की जाए।
इसका उद्देश्य पात्र लाभुकों को योजना का लाभ दिलाने में अनावश्यक देरी को रोकना है।
पशुपालन योजना के लिए 15 अक्टूबर तक लाभुक चयन
पशुपालन योजना की समीक्षा के दौरान प्रखंड स्तर पर लाभुकों के चयन और पशु वितरण की तैयारियों पर भी चर्चा हुई। उपायुक्त ने प्रखंड कल्याण पदाधिकारियों के बीच पशु वितरण का लक्ष्य निर्धारित करने को कहा।
उन्होंने निर्देश दिया कि 15 अक्टूबर तक पात्र लाभुकों का चयन पूरा कर लिया जाए। लाभुकों की सूची तैयार होने के बाद जिला स्तर पर आवश्यक प्रक्रिया पूरी कर योजना का लाभ समय पर उपलब्ध कराने को कहा गया।
एससी-एसटी छात्रावासों की सुविधाओं पर भी हुई चर्चा
बैठक में जिले के अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति छात्रावासों की स्थिति की विस्तृत समीक्षा की गई। खिरगांव और दीपुगढ़ा छात्रावास से संबंधित मामलों में आवश्यक विभागीय पत्राचार करने का निर्देश दिया गया।
उपायुक्त ने संचालित और फिलहाल असंचालित छात्रावासों में उपलब्ध सुविधाओं का आकलन करने को कहा। उन्होंने विशेष रूप से बेड, कुर्सी, पंखे, बिजली, पेयजल, गेट, गेटकीपर, बोरिंग और शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाओं की स्थिति की जांच कर कमियों को दूर करने का निर्देश दिया।
उन्होंने कहा कि छात्रावासों में जरूरी संसाधन उपलब्ध कराकर उनका संचालन बेहतर तरीके से सुनिश्चित किया जाना चाहिए, ताकि विद्यार्थियों को किसी तरह की परेशानी न हो।
समीक्षा बैठक में उपायुक्त हेमन्त सती के अलावा उपविकास आयुक्त रिया सिंह, जिला योजना पदाधिकारी पंकज तिवारी, प्रखंड कल्याण पदाधिकारी, कल्याण विभाग के अधिकारी और अन्य संबंधित पदाधिकारी मौजूद रहे।
