पटना/नई दिल्ली: आरक्षण व्यवस्था को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे आंदोलन के बीच लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के अध्यक्ष चिराग पासवान ने अपना पक्ष स्पष्ट किया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर अपने पुराने वीडियो साझा करते हुए कहा कि आरक्षण संविधान से मिला अधिकार है और उनकी पार्टी इसके संरक्षण के पक्ष में है।
पुराने संसदीय भाषण का वीडियो किया साझा
चिराग पासवान ने वर्ष 2020 में संसद में दिए अपने भाषण का वीडियो दोबारा साझा किया। उन्होंने बताया कि उस समय भी उन्होंने आरक्षण के विषय को सदन में प्रमुखता से उठाया था। उनके अनुसार, आरक्षण की मौजूदा व्यवस्था में बदलाव की किसी भी पहल का उनकी पार्टी विरोध करेगी।
उन्होंने अपने संदेश में आरक्षण को सामाजिक न्याय से जुड़ा संवैधानिक अधिकार बताया और कहा कि इसे किसी की कृपा या दान के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए।
चुनावी सभा का वीडियो भी किया पोस्ट
चिराग पासवान ने एक पुराने चुनाव प्रचार से जुड़ा वीडियो भी साझा किया, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी दिखाई देती है। वीडियो के साथ उन्होंने अपने पुराने बयान को दोहराते हुए कहा कि उनके रहते संविधान और आरक्षण की सुरक्षा को लेकर चिंता करने की जरूरत नहीं है।
उनका कहना है कि संविधान में दिए गए अधिकारों की रक्षा और सामाजिक न्याय के मुद्दे पर उनकी प्रतिबद्धता कायम है।
आरक्षण की समीक्षा का भी विरोध
चिराग पासवान ने अपने संदेश में केवल आरक्षण समाप्त करने के विरोध की बात नहीं कही, बल्कि इसकी समीक्षा किए जाने की किसी कोशिश का भी विरोध जताया। उन्होंने संकेत दिया कि उनकी पार्टी आरक्षण व्यवस्था में ऐसे किसी बदलाव का समर्थन नहीं करेगी, जिससे इससे जुड़े संवैधानिक अधिकार प्रभावित हों।
आंदोलन के बीच सामने आया बयान
जंतर-मंतर पर आरक्षण से संबंधित आंदोलन के बीच चिराग पासवान द्वारा पुराने वीडियो साझा किए जाने को राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इन वीडियो के माध्यम से उन्होंने यह रेखांकित किया कि आरक्षण और संविधान को लेकर उनकी पार्टी का रुख पहले से स्पष्ट रहा है।
नोट: यह खबर उपलब्ध जानकारी के आधार पर नए शब्दों और स्वतंत्र संरचना में तैयार की गई है।
