Sunday, August 23, 2026

RSP कॉलेज के पास भू-धंसान से बढ़ा आक्रोश, BCCL अधिकारी का पुतला जलाकर जताया विरोध.

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धनबाद/झरिया: झरिया थाना क्षेत्र में RSP कॉलेज के आसपास भू-धंसान और कई घरों में दरारें आने की घटना के बाद स्थानीय लोगों में नाराजगी बढ़ गई है। बताया गया कि जलागार से करीब 100 मीटर की दूरी पर स्थित कई आवासों में दरारें दिखाई दी हैं। घटना को लेकर रविवार को स्थानीय लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया और BCCL क्षेत्र संख्या-9 के महाप्रबंधक एसके गायकवाड़ का पुतला जलाया।

प्रदर्शन का नेतृत्व सांसद प्रतिनिधि अनूप साव ने किया। प्रदर्शनकारियों ने क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और भू-धंसान की समस्या का स्थायी समाधान करने की मांग उठाई।

हेवी ब्लास्टिंग को बताया भू-धंसान की वजह

अनूप साव ने आरोप लगाया कि राजापुर परियोजना में की जा रही भारी ब्लास्टिंग के कारण आसपास के मकानों में कंपन और दरारों की समस्या पैदा हुई है। उनका दावा है कि इसी वजह से इलाके में भू-धंसान की स्थिति भी बनी।

उन्होंने चिंता जताई कि यदि दरारें जलागार तक पहुंचती हैं तो झरिया की बड़ी आबादी को पानी की आपूर्ति प्रभावित हो सकती है। उन्होंने राजापुर परियोजना को तत्काल बंद करने की मांग की और परियोजना प्रबंधन को मौजूदा स्थिति के लिए जिम्मेदार बताया।

हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। भू-धंसान के वास्तविक कारण का पता लगाने के लिए तकनीकी जांच जरूरी होगी।

ओवरबर्डन डंपिंग को लेकर भी लगाए आरोप

प्रदर्शन के दौरान राजापुर परियोजना में ओवरबर्डन डंपिंग से जुड़े काम में कथित अनियमितताओं का आरोप भी लगाया गया। अनूप साव ने दावा किया कि इस मामले में फर्जी बिल के जरिए सरकारी राशि के दुरुपयोग की आशंका है।

उन्होंने कहा कि मामले की जानकारी सांसद को दी जाएगी और कोल इंडिया मुख्यालय से पूरे प्रकरण की जांच कराने की मांग की जाएगी। उन्होंने बताया कि सांसद फिलहाल केंद्रीय ऊर्जा समिति की बैठक के सिलसिले में मदुरै में हैं।

गैर-राजनीतिक बैठक बुलाने की तैयारी

अनूप साव ने कहा कि प्रभावित लोगों की समस्याओं को लेकर जल्द ही झरिया में एक गैर-राजनीतिक बैठक आयोजित की जाएगी। बैठक में स्थानीय लोगों के साथ चर्चा कर आगे की रणनीति तैयार करने की बात कही गई।

उन्होंने यह भी कहा कि राजापुर परियोजना को बंद करने को लेकर महापौर की ओर से भी बात कही गई है और अब इस संबंध में ठोस कार्रवाई की जरूरत है।

अंडरग्राउंड माइनिंग का मुद्दा भी उठा

सांसद प्रतिनिधि और खनन विभाग से जुड़े गफ्फार अंसारी ने भी भू-धंसान की घटनाओं को लेकर चिंता जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि पुराने अंडरग्राउंड माइनिंग क्षेत्रों में बालू भराई के दौरान कथित अनियमितताओं का असर आज भी कुछ इलाकों में देखने को मिल रहा है।

उन्होंने बताया कि अप्रैल में किड्स गार्डन के समीप भी भू-धंसान की एक घटना सामने आई थी। उनके मुताबिक लगातार ऐसी घटनाओं को देखते हुए प्रशासन और BCCL प्रबंधन को प्रभावित क्षेत्रों का तत्काल निरीक्षण कराना चाहिए।

सुरक्षा उपायों की मांग

स्थानीय प्रतिनिधियों ने प्रशासन और BCCL प्रबंधन से प्रभावित इलाकों का तकनीकी सर्वे कराने, मकानों की स्थिति का आकलन करने और लोगों की सुरक्षा के लिए जरूरी कदम उठाने की मांग की है।

भू-धंसान और मकानों में आई दरारों को देखते हुए प्रभावित क्षेत्र में रहने वाले लोगों की सुरक्षा फिलहाल सबसे अहम मुद्दा बनी हुई है। घटना के कारणों और जिम्मेदारी को लेकर आधिकारिक तकनीकी जांच के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।

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