नई दिल्ली: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) को HDFC Bank में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाकर 9.99% तक करने की अनुमति दे दी है। इस मंजूरी के बाद दोनों कंपनियों के शेयरों में कारोबार के दौरान तेजी देखने को मिली।
RBI की मंजूरी के बाद LIC को मिली बड़ी राहत
HDFC Bank ने शेयर बाजार को दी गई नियामकीय जानकारी में बताया कि LIC के हिस्सेदारी बढ़ाने के आवेदन को RBI ने मंजूरी दे दी है। इसके बाद LIC बैंक की चुकता शेयर पूंजी या वोटिंग अधिकारों में अधिकतम 9.99% तक हिस्सेदारी रख सकती है।
हालांकि, मंजूरी मिलने का मतलब यह नहीं है कि LIC तुरंत अपनी हिस्सेदारी को 9.99% तक पहुंचाएगी। कंपनी बाजार की परिस्थितियों और लागू नियमों को ध्यान में रखते हुए चरणबद्ध तरीके से निवेश बढ़ा सकती है।
फिलहाल 4% से ज्यादा हिस्सेदारी
उपलब्ध जानकारी के मुताबिक 14 अगस्त 2026 तक HDFC Bank में LIC की हिस्सेदारी करीब 4.11% थी। नई मंजूरी से बीमा कंपनी के पास बैंक में अपना निवेश बढ़ाने की पर्याप्त गुंजाइश बन गई है।
भविष्य में किसी भी अतिरिक्त खरीद के दौरान RBI, SEBI और अन्य संबंधित नियामकीय प्रावधानों का पालन करना होगा।
LIC के शेयर में भी बढ़त
RBI की मंजूरी की खबर के बाद LIC के शेयर में शुरुआती कारोबार के दौरान करीब 1% की तेजी दर्ज की गई और शेयर लगभग ₹417.40 के स्तर तक पहुंचा। LIC के शेयर का 52 सप्ताह का उच्च स्तर ₹468.30 और निचला स्तर ₹361 बताया गया है।
HDFC Bank में भी खरीदारी
HDFC Bank के शेयर में भी सकारात्मक प्रतिक्रिया देखने को मिली। शुरुआती कारोबार में बैंक का शेयर करीब 1.09% बढ़कर ₹728 के आसपास पहुंच गया।
HDFC Bank के शेयर का 52 सप्ताह का उच्च स्तर ₹1,020.35 और निचला स्तर ₹715.05 रहा है।
बड़े संस्थागत निवेशक की हिस्सेदारी बढ़ने से क्या संकेत?
LIC देश के प्रमुख संस्थागत निवेशकों में शामिल है। HDFC Bank में उसकी संभावित हिस्सेदारी बढ़ने की खबर को बाजार में बैंक के प्रति संस्थागत भरोसे के संकेत के तौर पर देखा जा सकता है। हालांकि, शेयरों की कीमत पर आगे का असर बाजार की स्थिति, बैंक के प्रदर्शन और LIC की वास्तविक खरीदारी पर निर्भर करेगा।
नोट: शेयर बाजार में निवेश जोखिम के अधीन है। यह खबर केवल सूचनात्मक उद्देश्य से है और इसे निवेश सलाह नहीं माना जाना चाहिए।
