नई दिल्ली: देश में सहकारी मॉडल पर आधारित कैब सेवा ‘भारत टैक्सी’ का नेटवर्क तेजी से बढ़ने का दावा किया जा रहा है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक प्लेटफॉर्म से करीब 8 लाख ड्राइवर और 41 लाख से अधिक ग्राहक जुड़ चुके हैं। योजना के तहत 2029 तक इस सेवा को देश के अधिक से अधिक हिस्सों में पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है।
भारत टैक्सी को पारंपरिक ऐप आधारित कैब सेवाओं से अलग सहकारी व्यवस्था के तौर पर विकसित किया जा रहा है। इसका उद्देश्य ड्राइवरों को कमाई में अधिक हिस्सेदारी देने के साथ यात्रियों को पारदर्शी किराया उपलब्ध कराना है।
कई सरकारी और सहकारी संस्थाओं का सहयोग
भारत टैक्सी को केंद्र सरकार के सहयोग से सहकारी क्षेत्र की संस्थाओं की भागीदारी के साथ विकसित किया गया है। इस पहल से अमूल, नाबार्ड, इफको और नेफेड जैसे संस्थानों के जुड़े होने की जानकारी सामने आई है।
सहकारी ढांचे में ड्राइवरों की भागीदारी को भी अहम माना जा रहा है। इससे ड्राइवर केवल सेवा देने वाले व्यक्ति नहीं, बल्कि संस्था के सदस्य के रूप में भी भूमिका निभा सकते हैं।
ड्राइवरों के लिए जीरो-कमीशन मॉडल
भारत टैक्सी की प्रमुख विशेषताओं में इसका जीरो-कमीशन मॉडल बताया जा रहा है। सामान्य ऐप आधारित कैब सेवाओं में ड्राइवरों की कमाई से प्लेटफॉर्म शुल्क या कमीशन लिया जाता है। भारत टैक्सी के मॉडल में ड्राइवरों को किराये की राशि का बड़ा हिस्सा सीधे प्राप्त करने की व्यवस्था पर जोर है।
इसके अलावा ड्राइवर सहकारी संस्था में हिस्सेदारी लेकर उसके संचालन में भागीदारी कर सकेंगे। इससे ड्राइवरों को प्लेटफॉर्म के साथ दीर्घकालिक रूप से जुड़ने का अवसर मिल सकता है।
यात्रियों के लिए पारदर्शी किराये पर जोर
यात्रियों के लिए भी भारत टैक्सी में पारदर्शी और स्पष्ट किराया व्यवस्था उपलब्ध कराने की बात कही गई है। सेवा के तहत अलग-अलग जरूरतों के अनुसार बाइक, ऑटो, कार और एसयूवी जैसी श्रेणियों में वाहन उपलब्ध कराने की योजना है।
किराये में अतिरिक्त शुल्क और अचानक बढ़ोतरी को नियंत्रित रखने पर भी जोर दिया जा रहा है, ताकि यात्रियों को सफर शुरू करने से पहले भुगतान का बेहतर अंदाजा मिल सके।
महिला यात्रियों और ड्राइवरों के लिए पहल
महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए भारत टैक्सी से जुड़ी कुछ विशेष पहलों की जानकारी दी गई है। ‘सारथी दीदी’ के तहत महिला यात्रियों को महिला ड्राइवर चुनने का विकल्प देने की योजना है।
वहीं ‘बाइक दीदी’ पहल के माध्यम से महिलाओं को बाइक टैक्सी सेवा से जोड़कर आय का अवसर उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है।
डिजिटल प्लेटफॉर्म और भुगतान व्यवस्था
भारत टैक्सी को सरकारी डिजिटल सेवाओं और तकनीकी प्लेटफॉर्म से जोड़ने की दिशा में भी काम किया जा रहा है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार इसमें डिजिलॉकर और उमंग जैसी सेवाओं के साथ एकीकरण किया गया है।
भुगतान व्यवस्था को सुगम बनाने के लिए एसबीआई और पेटीएम जैसी संस्थाओं के साथ साझेदारी का भी उल्लेख किया गया है। ड्राइवरों के लिए दुर्घटना और स्वास्थ्य बीमा जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने की योजना भी बताई गई है।
इन शहरों में उपलब्ध, दूसरे शहरों में विस्तार की तैयारी
भारत टैक्सी की सेवा फिलहाल दिल्ली-एनसीआर, मुंबई, गुजरात, लखनऊ, चंडीगढ़, जयपुर, कानपुर और पुणे जैसे क्षेत्रों में उपलब्ध होने की जानकारी दी गई है।
आने वाले समय में पटना, रांची, गुवाहाटी, भोपाल, कोलकाता, इंदौर और नागपुर समेत अन्य शहरों में इसके विस्तार की योजना है। 2029 तक देश के व्यापक हिस्से में नेटवर्क पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है।
