रांची: झारखंड में छात्र आंदोलन और खनिज कानून को लेकर सियासी गतिविधियां तेज हो गई हैं। सोमवार को कांग्रेस प्रदेश मुख्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में पार्टी नेताओं ने JPSC-JSSC परीक्षाओं, एसआईआर और माइनिंग संशोधन बिल को लेकर केंद्र व राज्य सरकार के रुख पर सवाल उठाए। कांग्रेस ने कहा कि युवाओं और झारखंड के अधिकारों से जुड़े मामलों में पार्टी आंदोलन से पीछे नहीं हटेगी।
छात्र मुद्दे पर सरकार के कदमों की जानकारी
कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी के. राजू ने कहा कि पार्टी युवाओं के मुद्दों को लेकर उनके साथ खड़ी है। उन्होंने दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर लाठीचार्ज का विरोध किया और दावा किया कि इस विषय को संसद में भी उठाया गया है।
उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के साथ बातचीत के बाद छात्रों की मांगों पर विचार के लिए चार मंत्रियों की कमेटी गठित की गई है। यह समिति आंदोलनकारी अभ्यर्थियों की समस्याओं और मांगों पर आगे की कार्रवाई करेगी।
कुछ परीक्षाओं को लेकर बनी सहमति
मंत्री दीपिका पांडेय सिंह के मुताबिक, सरकार और छात्रों के बीच कुछ मांगों पर सहमति बनी है। इनमें JPSC की 14वीं परीक्षा, बैकलॉग परीक्षाओं और TDPL द्वारा आयोजित परीक्षाओं को रद्द करने का मुद्दा शामिल है।
हालांकि, JSSC CGL परीक्षा रद्द करने और पूरे मामले की CBI जांच की मांग पर अभी सहमति नहीं बन पाई है। सरकार की ओर से कहा गया है कि इस मामले में न्यायालय के निर्देशों और निर्धारित कानूनी प्रक्रिया का पालन किया जाएगा। कांग्रेस ने भर्ती परीक्षाओं की व्यवस्था को अधिक पारदर्शी बनाने की मांग की है।
माइनिंग संशोधन बिल पर केंद्र को घेरा
प्रेस कॉन्फ्रेंस में कांग्रेस नेताओं ने माइनिंग संशोधन बिल को लेकर भी केंद्र सरकार पर निशाना साधा। के. राजू ने आरोप लगाया कि कानून बनाने से पहले राज्यों के साथ पर्याप्त विचार-विमर्श नहीं किया गया।
स्वास्थ्य मंत्री ने दावा किया कि प्रस्तावित कानून के कारण झारखंड को करीब 15 हजार करोड़ रुपये तक का आर्थिक नुकसान हो सकता है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि इससे राज्य की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं पर भी वित्तीय दबाव पड़ने की आशंका है।
राष्ट्रपति से मिलने की तैयारी
कांग्रेस ने इस मामले में राष्ट्रपति से मुलाकात करने की बात भी कही है। विधायक दल के नेता प्रदीप यादव ने कहा कि झारखंड के खनिज संसाधनों पर राज्य के हितों की रक्षा जरूरी है। उन्होंने केंद्र पर राज्य के आर्थिक हितों को प्रभावित करने वाले फैसले लेने का आरोप लगाया।
18 अगस्त को आंदोलन को लेकर बड़ा फैसला
कांग्रेस ने घोषणा की कि 18 अगस्त को माइनिंग संशोधन बिल के विरोध में आगे की रणनीति को लेकर बड़ा राजनीतिक फैसला लिया जाएगा। इसके बाद जिला स्तर पर आंदोलन की तैयारियां शुरू करने की बात कही गई है।
पार्टी नेताओं ने कहा कि JPSC-JSSC अभ्यर्थियों के मुद्दे और झारखंड के खनिज अधिकारों से जुड़े सवालों को लेकर कांग्रेस जरूरत पड़ने पर सड़क से लेकर संसद और राष्ट्रपति भवन तक अपनी आवाज उठाएगी।
