मुंबई: भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार को कारोबार के दौरान काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिला। दिन के अंत में सेंसेक्स बढ़त के साथ बंद हुआ, जबकि निफ्टी हल्की गिरावट में रहा। मेटल, फार्मा और सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के शेयरों पर दबाव का असर निफ्टी पर दिखाई दिया।
कारोबार समाप्त होने पर बीएसई सेंसेक्स 113.61 अंक यानी 0.15 प्रतिशत बढ़कर 78,079.96 पर बंद हुआ। वहीं एनएसई निफ्टी 40.10 अंक यानी 0.16 प्रतिशत गिरकर 24,395.85 पर पहुंच गया।
महंगाई के आंकड़ों से बाजार को मिला सहारा
भारत और अमेरिका से आए अपेक्षाकृत बेहतर महंगाई आंकड़ों ने निवेशकों के बीच सकारात्मक माहौल बनाने में मदद की। बाजार में यह उम्मीद मजबूत हुई कि भारतीय रिजर्व बैंक और अमेरिकी फेडरल रिजर्व ब्याज दरों को लेकर फिलहाल सतर्क और नरम रुख बनाए रख सकते हैं।
बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, महंगाई में राहत के अलावा कंपनियों के पहली तिमाही के नतीजों ने भी घरेलू अर्थव्यवस्था की मजबूती के संकेत दिए हैं।
कच्चा तेल और भू-राजनीतिक तनाव बनी चिंता
हालांकि, कच्चे तेल की ऊंची कीमत और मध्य पूर्व में जारी तनाव ने बाजार की तेजी को सीमित रखा। कारोबार के दौरान ब्रेंट क्रूड करीब 87.47 डॉलर प्रति बैरल पर था।
विदेशी मुद्रा बाजार में भी रुपये पर दबाव दिखाई दिया। अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय मुद्रा 10 पैसे कमजोर होकर 95.43 रुपये प्रति डॉलर के स्तर पर बंद हुई।
मेटल और फार्मा शेयरों में दबाव
सेक्टोरल इंडेक्स में निफ्टी मेटल 1.28 प्रतिशत गिरा। इसके अलावा निफ्टी फार्मा 0.42 प्रतिशत और निफ्टी पीएसयू बैंक 0.58 प्रतिशत नीचे बंद हुए।
दूसरी ओर, एफएमसीजी, आईटी और मीडिया से जुड़े शेयरों में खरीदारी देखने को मिली, जिससे बाजार को कुछ समर्थन मिला।
टाटा समूह के शेयरों में मिला-जुला कारोबार
टाटा संस के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन के फरवरी 2027 में कार्यकाल पूरा होने के बाद दोबारा पद नहीं संभालने की खबर के बीच टाटा समूह के शेयरों में अलग-अलग रुख देखने को मिला।
- TCS: 0.35 प्रतिशत बढ़कर ₹2,358
- टाटा मोटर्स (पैसेंजर व्हीकल्स): 1.52 प्रतिशत बढ़कर ₹348
- टाइटन: 1.18 प्रतिशत गिरकर ₹5,036
एशियाई बाजारों में भी तेजी
एशिया के प्रमुख शेयर बाजारों में गुरुवार को मजबूत कारोबार हुआ। जापान का निक्केई 225 1.28 प्रतिशत, ताइवान का प्रमुख सूचकांक 1 प्रतिशत और दक्षिण कोरिया का KOSPI 3.44 प्रतिशत बढ़कर बंद हुआ। वहीं हॉन्गकॉन्ग के हैंगसेंग में 0.21 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।
आने वाले दिनों में भारतीय बाजार की दिशा पर कच्चे तेल की कीमतों, वैश्विक भू-राजनीतिक परिस्थितियों और विदेशी निवेशकों के पूंजी प्रवाह का असर महत्वपूर्ण रहेगा।
