Thursday, August 13, 2026

डीपीएस बोकारो की आर्यभट्ट गणित प्रतियोगिता में 45 विद्यार्थियों को मिला सम्मान.

Share

बोकारो: दिल्ली पब्लिक स्कूल (डीपीएस) बोकारो में गुरुवार को आर्यभट्ट गणित प्रतियोगिता के पुरस्कार वितरण समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बोकारो स्टील प्लांट के निदेशक प्रभारी प्रिय रंजन मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। प्रतियोगिता में झारखंड, बिहार, पश्चिम बंगाल और ओडिशा के विभिन्न स्कूलों से विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया।

चार राज्यों के करीब 1400 विद्यार्थियों ने लिया भाग

आर्यभट्ट गणित प्रतियोगिता का आयोजन डीपीएस बोकारो की ओर से वर्ष 1988 से किया जा रहा है। इस वर्ष जूनियर, मिडिल और सीनियर वर्ग में करीब 1400 विद्यार्थियों ने प्रतियोगिता में भाग लिया।

पुरस्कार वितरण में कुल 45 विद्यार्थियों को ओवरऑल प्रदर्शन के आधार पर सम्मानित किया गया। इनमें जूनियर वर्ग के 15, मिडिल वर्ग के 19 और सीनियर वर्ग के 11 विद्यार्थी शामिल रहे।

तीनों वर्गों में डीपीएस बोकारो का प्रदर्शन सबसे बेहतर रहा। हालांकि मेजबान विद्यालय होने के कारण विजेता ट्रॉफी निकटवर्ती प्रतिभागी स्कूलों को प्रदान की गई। जूनियर और मिडिल वर्ग की ट्रॉफी हेम शीला मॉडल स्कूल, दुर्गापुर को, जबकि सीनियर वर्ग की ट्रॉफी चिन्मय विद्यालय, बोकारो को दी गई।

विद्यार्थियों को ट्रॉफी और पुरस्कार राशि

मुख्य अतिथि प्रिय रंजन और डीपीएस बोकारो के प्राचार्य डॉ. ए. एस. गंगवार ने विजेता विद्यार्थियों को ट्रॉफी और उनके स्थान के अनुसार पुरस्कार राशि के चेक प्रदान किए।

प्रिय रंजन ने विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि गणितीय सोच और जिज्ञासा विद्यार्थियों के बौद्धिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। उन्होंने आर्यभट्ट जैसे भारतीय गणितज्ञों की परंपरा का उल्लेख करते हुए विद्यार्थियों को ज्ञान के प्रति जिज्ञासु बने रहने के लिए प्रेरित किया।

गणित के प्रति रुचि बढ़ाना प्रतियोगिता का उद्देश्य

प्राचार्य डॉ. ए. एस. गंगवार ने कहा कि प्रतियोगिता का उद्देश्य विद्यार्थियों की तार्किक क्षमता और गणितीय कौशल को परखने के साथ इस विषय के प्रति रुचि विकसित करना है। उन्होंने कहा कि आधुनिक डेटा साइंस में भी गणित की महत्वपूर्ण भूमिका है।

महिला प्रशिक्षण केंद्र की प्रशिक्षित महिलाओं को प्रमाण-पत्र

कार्यक्रम के दौरान डीपीएस बोकारो द्वारा संचालित महिला-स्वावलंबन केंद्र ‘कोशिश’ में प्रशिक्षण पूरा करने वाली महिलाओं और युवतियों को भी प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया गया।

मुख्य अतिथि ने विद्यालय की ओर से महिला सशक्तीकरण और सामाजिक उत्थान के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। समारोह में प्राचार्य ने मुख्य अतिथि को स्मृति-चिह्न और शॉल देकर सम्मानित किया। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ।

Read more

Local News