पलामू में छात्रों के समर्थन में न्याय सत्याग्रह, JPSC-JSSC मामले में CBI जांच की मांग
मेदिनीनगर: झारखंड में JPSC और JSSC से जुड़ी नियुक्ति प्रक्रिया को लेकर चल रहे छात्र आंदोलन के समर्थन में बुधवार को पलामू के मेदिनीनगर में न्याय सत्याग्रह आयोजित किया गया। आंदोलन के दौरान छात्रों पर कथित लाठीचार्ज के विरोध में प्रदर्शनकारियों ने शांतिपूर्ण धरना दिया और पूरे मामले की केंद्रीय जांच एजेंसी से जांच कराने की मांग उठाई।
सामाजिक कार्यकर्ता सूर्या सोनल सिंह के नेतृत्व में छात्र और अन्य समर्थक समाहरणालय परिसर पहुंचे। प्रदर्शनकारियों ने हाथों में काली पट्टी लगाकर छात्र आंदोलन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई का विरोध जताया।
नियुक्ति प्रक्रिया की जांच की उठी मांग
सूर्या सोनल सिंह ने कहा कि JPSC और JSSC से संबंधित नियुक्तियों को लेकर छात्रों के बीच लंबे समय से सवाल उठ रहे हैं। उनके अनुसार, इन मामलों की निष्पक्ष जांच के लिए CBI जैसी केंद्रीय एजेंसी से जांच कराई जानी चाहिए।
उन्होंने दावा किया कि नियुक्ति से जुड़े कथित अनियमितताओं का असर झारखंड के साथ अन्य राज्यों तक भी हो सकता है। उन्होंने कहा कि छात्रों के भविष्य से जुड़े मामलों में पारदर्शी जांच जरूरी है, ताकि आगे ऐसी स्थिति उत्पन्न न हो।
CID जांच पर भी सवाल
न्याय सत्याग्रह के दौरान राज्य की CID जांच को लेकर भी सवाल उठाए गए। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि छात्रों को जांच की निष्पक्षता को लेकर आश्वस्त किया जाना चाहिए। सूर्या सोनल सिंह ने कहा कि आंदोलनरत युवाओं की मांगों पर सरकार को संवाद के जरिए समाधान तलाशना चाहिए।
लाठीचार्ज के विरोध में काली पट्टी
कार्यक्रम में शामिल लोगों ने काली पट्टी लगाकर छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई का विरोध किया। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि रोजगार और नियुक्ति प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों पर सरकार को युवाओं की बात सुननी चाहिए और शांतिपूर्ण आंदोलन के दौरान किसी भी तरह की कठोर कार्रवाई से बचना चाहिए।
न्याय सत्याग्रह के माध्यम से प्रदर्शनकारियों ने सरकार से छात्रों की मांगों पर गंभीरता से विचार करने, कथित पुलिस कार्रवाई की जांच कराने और JPSC-JSSC से जुड़े विवादों की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने की अपील की।
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