नई दिल्ली: केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को 8वें केंद्रीय वेतन आयोग की सिफारिशों का अभी और इंतजार करना होगा। केंद्र सरकार ने संसद में जानकारी दी है कि आयोग ने अब तक अपनी अंतिम रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं की है। आयोग को अपनी रिपोर्ट तैयार करने के लिए 18 महीने का समय दिया गया है और इसके मई-जून 2027 के आसपास आने की संभावना है।
8वें केंद्रीय वेतन आयोग का गठन 3 नवंबर 2025 को किया गया था। इसकी अध्यक्षता सुप्रीम कोर्ट की पूर्व न्यायाधीश रंजना प्रकाश देसाई कर रही हैं। आयोग को आवश्यकता पड़ने पर कुछ विषयों पर अंतिम रिपोर्ट से पहले अंतरिम सिफारिशें देने का अधिकार भी दिया गया है। हालांकि, सरकार ने अभी तक संशोधित वेतन व्यवस्था लागू करने की कोई निश्चित प्रभावी तारीख घोषित नहीं की है।
करीब 36 लाख केंद्रीय कर्मचारी दायरे में
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, 1 मार्च 2026 तक देश में लगभग 35.77 लाख केंद्रीय सिविलियन कर्मचारी कार्यरत थे। वहीं 31 दिसंबर 2025 तक करीब 33.76 लाख पेंशनभोगी और पारिवारिक पेंशनभोगी दर्ज किए गए थे। इस आंकड़े में रक्षा पेंशनभोगी शामिल नहीं हैं।
वेतन आयोग के सामने केंद्रीय कर्मचारियों के वेतन, भत्तों, पेंशन और सेवा शर्तों से जुड़े विभिन्न मुद्दों की समीक्षा की जिम्मेदारी है। आयोग की सिफारिशों का असर बड़ी संख्या में कर्मचारियों और पेंशनभोगियों पर पड़ सकता है।
कर्मचारी संगठनों ने रखीं अपनी मांगें
आयोग देश के अलग-अलग हिस्सों में कर्मचारी संगठनों और अन्य हितधारकों के साथ बैठकें कर रहा है। दिल्ली में प्रमुख कर्मचारी यूनियनों और पेंशनभोगी संगठनों के साथ चर्चा का एक चरण सोमवार को पूरा हुआ।
नेशनल काउंसिल-जेसीएम और फेडरेशन ऑफ नेशनल पोस्टल ऑर्गनाइजेशन्स सहित कई संगठनों ने वेतन, पेंशन और भत्तों से संबंधित अपने सुझाव आयोग के समक्ष रखे हैं।
रेलवे तकनीकी पर्यवेक्षकों ने रखी ये प्रमुख मांगें
रेलवे तकनीकी पर्यवेक्षकों से जुड़े संगठन IRTSA ने भी वेतन आयोग के सामने कई प्रस्ताव रखे हैं। इनमें प्रमुख रूप से:
- न्यूनतम मूल वेतन: इसे बढ़ाकर ₹52,600 करने का प्रस्ताव।
- फिटमेंट फैक्टर: वेतन निर्धारण के लिए 2.92 का फिटमेंट फैक्टर रखने की मांग।
- घरेलू खर्च: इंटरनेट, पैकेज्ड पानी और मेडिकल इंश्योरेंस जैसे मौजूदा खर्चों को वेतन निर्धारण के आधार में शामिल करने का सुझाव।
- वार्षिक बढ़ोतरी: कर्मचारियों के वेतन में हर साल 5 प्रतिशत वृद्धि की मांग।
कई शहरों में होगी आयोग की बैठक
आयोग का परामर्श और बैठक कार्यक्रम आगे भी जारी रहेगा। प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार 31 अगस्त और 1 सितंबर को जयपुर, 7 और 8 सितंबर को चेन्नई, 9 सितंबर को पुडुचेरी तथा 16 से 18 सितंबर के बीच चंडीगढ़ में बैठकें आयोजित की जानी हैं।
वेतन संबंधी आंकड़े जुटाने का काम जारी
केंद्र के विभिन्न मंत्रालयों और विभागों से कर्मचारियों के वेतन ढांचे तथा रिक्त पदों से संबंधित जानकारी ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से मांगी गई थी। इसके लिए 31 जुलाई तक का समय दिया गया था। आयोग इस डेटा के आधार पर वेतन संशोधन से सरकार पर पड़ने वाले संभावित वित्तीय प्रभाव का आकलन करेगा।
फिलहाल 8वें वेतन आयोग की अंतिम सिफारिशें सामने नहीं आई हैं। इसलिए वेतन में कितनी बढ़ोतरी होगी या नया वेतन ढांचा कब लागू होगा, इस पर अंतिम तस्वीर आयोग की रिपोर्ट और उसके बाद सरकार के फैसले से ही स्पष्ट होगी।
