New Delhi: देश के एविएशन सेक्टर में एयरपोर्ट और एयरलाइन कारोबार के बीच संभावित क्रॉस-ओनरशिप को लेकर केंद्र सरकार ने स्थिति स्पष्ट की है। सरकार के मुताबिक, मौजूदा नीतियों में ऐसी कोई सामान्य पाबंदी नहीं है जो बड़े एयरपोर्ट ऑपरेटरों को किसी शेड्यूल्ड एयरलाइन के संचालन या उसमें पर्याप्त हिस्सेदारी रखने से रोकती हो।
यह जानकारी सोमवार को राज्यसभा में नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल ने एक लिखित जवाब के जरिए दी।
राज्यसभा में पूछे गए सवाल पर सरकार का जवाब
यह सवाल CPI(M) सांसद जॉन ब्रिटास ने उठाया था। उन्होंने एयरपोर्ट ऑपरेटरों और एयरलाइनों के बीच क्रॉस-ओनरशिप को लेकर सरकार की नीति और मौजूदा नियमों की जानकारी मांगी थी।
जवाब में मंत्रालय ने कहा कि प्रमुख एयरपोर्ट ऑपरेटरों के लिए शेड्यूल्ड एयरलाइनों में पर्याप्त इक्विटी रखने या एयरलाइन संचालित करने पर कोई व्यापक नीतिगत रोक नहीं है।
हालांकि, इसका अर्थ यह नहीं है कि हर एयरपोर्ट ऑपरेटर बिना किसी अतिरिक्त शर्त के एयरलाइन कारोबार में प्रवेश कर सकता है।
PPP एयरपोर्ट्स के समझौतों में अलग-अलग शर्तें
सरकार ने बताया कि सार्वजनिक-निजी भागीदारी यानी PPP मॉडल के तहत विकसित कुछ एयरपोर्ट्स के अनुबंधों में विशेष प्रावधान मौजूद हैं। इन शर्तों के तहत कुछ शेड्यूल्ड एयरलाइनों, उनकी समूह कंपनियों या संबंधित संस्थाओं को एयरपोर्ट ऑपरेटर कंपनियों में हिस्सेदारी हासिल करने से प्रतिबंधित किया गया है।
इसलिए किसी एयरपोर्ट ऑपरेटर के एयरलाइन क्षेत्र में उतरने का फैसला संबंधित एयरपोर्ट के अनुबंध और उसमें मौजूद शर्तों पर भी निर्भर कर सकता है।
प्रतिबंधों में छूट का अनुरोध मिला
नागरिक उड्डयन मंत्रालय के मुताबिक, भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI) के पास हाल में एक अनुरोध आया है। इसमें कुछ संविदात्मक पाबंदियों को हटाने या उनमें राहत देने की मांग की गई है।
मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया कि इस अनुरोध पर अभी कोई अंतिम निर्णय या विस्तृत समीक्षा पूरी नहीं हुई है। इसलिए फिलहाल यह कहना जल्दबाजी होगी कि संबंधित एयरपोर्ट ऑपरेटरों को एयरलाइन कारोबार में प्रवेश की अनुमति मिल जाएगी।
GMR और Adani को लेकर चर्चाएं
सरकार के इस स्पष्टीकरण के बीच एयरपोर्ट कारोबार से जुड़े बड़े समूहों के संभावित एयरलाइन कारोबार में प्रवेश को लेकर चर्चाएं भी तेज हुई हैं। मीडिया रिपोर्ट्स में GMR और Adani जैसे एयरपोर्ट ऑपरेटरों के नाम सामने आए थे।
हालांकि, Adani Enterprises ने एयरलाइन क्षेत्र में प्रवेश से संबंधित ऐसी खबरों को खारिज किया है। कंपनी ने अपने आधिकारिक रुख में इन रिपोर्ट्स को भ्रामक और निराधार बताते हुए कहा कि फिलहाल एयरलाइन कारोबार में उतरने की उसकी कोई योजना या प्रस्ताव नहीं है।
सरकार के जवाब से इतना स्पष्ट है कि एयरपोर्ट ऑपरेटरों के लिए एयरलाइन कारोबार में प्रवेश पर देशभर में लागू कोई सीधी नीतिगत रोक नहीं है, लेकिन संबंधित PPP समझौतों की शर्तें इस तरह के कदम में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।
