Monday, August 10, 2026

Jharkhand High Court: सहायक आचार्य नियुक्ति मामले में 70 पद सुरक्षित रखने का आदेश, JSSC की अपील पर जनवरी में सुनवाई

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Ranchi: झारखंड हाईकोर्ट ने सहायक आचार्य शिक्षक नियुक्ति से जुड़े एक मामले में राज्य सरकार और झारखंड स्टाफ सिलेक्शन कमीशन (JSSC) को 70 पद फिलहाल रिक्त रखने का निर्देश दिया है। मामला उन अभ्यर्थियों से संबंधित है, जिन्होंने दो वर्षीय B.Ed कोर्स किया है और नियुक्ति प्रक्रिया में शामिल किए जाने की मांग कर रहे हैं।

चीफ जस्टिस एमएस सोनक और न्यायमूर्ति राजेश शंकर की खंडपीठ ने JSSC की ओर से दायर अपील को सुनवाई के लिए स्वीकार कर लिया। कोर्ट ने मामले से जुड़ी अवमानना याचिका की कार्यवाही पर भी अगले आदेश तक रोक लगा दी है। मामले की अगली सुनवाई जनवरी 2027 में होने की संभावना है।

एकल पीठ के आदेश को JSSC ने दी चुनौती

मामला विप्लव दत्त से जुड़े एक प्रकरण से सामने आया। इससे पहले हाईकोर्ट की एकल पीठ ने सहायक आचार्य नियुक्ति परीक्षा में दो वर्षीय B.Ed वाले अभ्यर्थियों को भी विचार में लेने और उनका परिणाम जारी करने का निर्देश दिया था।

याचिकाकर्ताओं की ओर से दलील दी गई थी कि 29 जनवरी 2024 को नियुक्ति नियमों में संशोधन किया गया था। इस संशोधन में दो वर्षीय B.Ed को भी पात्रता में शामिल किया गया था। अभ्यर्थियों ने कक्षा 6 से 8 तक गणित, विज्ञान सहित अन्य विषयों के पदों के लिए आवेदन किया था।

एकल पीठ के आदेश के बाद JSSC ने इस फैसले को खंडपीठ के समक्ष चुनौती दी।

JSSC ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश का दिया हवाला

JSSC की ओर से अधिवक्ता संजय पिपरावाल ने खंडपीठ के सामने अपना पक्ष रखा। उन्होंने परिमल कुमार मामले में सुप्रीम कोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए कहा कि सहायक आचार्य नियुक्ति के लिए 2022 की नियमावली ही लागू होगी।

JSSC का तर्क है कि 29 जनवरी 2024 को किया गया नियम संशोधन इस नियुक्ति प्रक्रिया पर लागू नहीं किया जा सकता, क्योंकि भर्ती का विज्ञापन वर्ष 2023 में जारी हुआ था। आयोग के मुताबिक उस समय एक वर्षीय B.Ed को ही निर्धारित न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता माना गया था।

दो वर्षीय B.Ed अभ्यर्थियों की पात्रता पर विवाद

विवाद का मुख्य बिंदु यह है कि वर्ष 2023 के विज्ञापन के तहत शुरू हुई नियुक्ति प्रक्रिया में बाद में हुए नियम संशोधन का लाभ दो वर्षीय B.Ed करने वाले अभ्यर्थियों को दिया जा सकता है या नहीं।

JSSC का कहना है कि 2022 की नियुक्ति नियमावली के आधार पर जारी विज्ञापन में दो वर्षीय B.Ed को पात्रता में शामिल नहीं किया गया था। वहीं, संबंधित अभ्यर्थियों की ओर से बाद के संशोधन का हवाला देते हुए उन्हें भी नियुक्ति प्रक्रिया में शामिल करने और परिणाम जारी करने की मांग की गई है।

70 पद फिलहाल रहेंगे रिक्त

खंडपीठ ने मामले की सुनवाई के दौरान सरकार और JSSC को 70 पदों को फिलहाल खाली रखने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने अवमानना मामले की कार्यवाही पर भी अगले आदेश तक रोक लगा दी है।

अब इस मामले में अगली सुनवाई जनवरी 2027 में होगी। हाईकोर्ट के आगामी आदेश से यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि दो वर्षीय B.Ed वाले अभ्यर्थियों को इस विशेष सहायक आचार्य नियुक्ति प्रक्रिया में पात्र माना जाएगा या नहीं।

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