Ranchi: झारखंड में JPSC-JSSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ छात्रों का आंदोलन जारी है। छात्रों और सरकार के बीच बातचीत के बावजूद अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकलने पर नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने राज्य सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि सरकार को छात्रों की मांगों को गंभीरता से लेते हुए पूरे मामले का स्थायी समाधान निकालना चाहिए।
मोरहाबादी स्थित अपने आवास पर मीडिया से बातचीत में बाबूलाल मरांडी ने आरोप लगाया कि सरकार आंदोलन को लंबा खींचकर छात्रों के थकने का इंतजार कर रही है। उन्होंने कहा कि पुलिस के बल पर किसी आंदोलन को दबाना समाधान नहीं है और सरकार को बातचीत के जरिए मामले को सुलझाना चाहिए।
कई परीक्षाओं में गड़बड़ी का लगाया आरोप
बाबूलाल मरांडी ने कहा कि JPSC और JSSC से जुड़े विवाद को किसी एक परीक्षा तक सीमित करके नहीं देखा जा सकता। उनके मुताबिक, अलग-अलग प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं, इसलिए प्रत्येक मामले की अलग-अलग समीक्षा जरूरी है।
उन्होंने सरकार से मांग की कि संबंधित परीक्षाओं की गड़बड़ियों की जांच कर जिम्मेदारी तय की जाए और अभ्यर्थियों की शिकायतों का निष्पक्ष तरीके से समाधान किया जाए।
परीक्षा रद्द करने और जांच की मांग
नेता प्रतिपक्ष ने विवादित परीक्षा को रद्द करने की मांग करते हुए संबंधित अधिकारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने की बात कही। उन्होंने पूरे मामले की अदालत की निगरानी में CBI जांच कराने की मांग भी रखी।
उन्होंने वर्ष 2023 में जारी सहायक आचार्य भर्ती के परिणामों में हुए बदलावों का उल्लेख करते हुए सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाया। उनका कहना था कि भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना जरूरी है।
जांच से दोषियों की जवाबदेही तय होगी: मरांडी
बाबूलाल मरांडी ने आरोप लगाया कि सरकार CBI जांच से बचने की कोशिश कर रही है। उन्होंने पश्चिम बंगाल के शिक्षक भर्ती मामले का उदाहरण देते हुए कहा कि जांच के बाद दोषियों पर कार्रवाई की गई।
उन्होंने कहा कि झारखंड में भी यदि निष्पक्ष जांच होती है तो अनियमितताओं के लिए जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय की जा सकती है। उनके मुताबिक, छात्रों की मांगों का समाधान किए बिना आंदोलन को समाप्त मानना उचित नहीं होगा।
