पलामू: जिले में चतुर्थ श्रेणी (फोर्थ ग्रेड) कर्मचारियों की बहाली की मांग को लेकर छात्रों का आंदोलन शुरू हो गया है। मेदिनीनगर स्थित समाहरणालय परिसर के बाहर छात्र अपनी मांगों को लेकर धरने पर बैठे हैं। शुक्रवार से दो छात्र सत्यनारायण शुक्ला और अनूप कुमार पासवान ने भूख हड़ताल शुरू कर दी है।
छात्रों का कहना है कि पलामू में फोर्थ ग्रेड पदों पर नियुक्ति प्रक्रिया जल्द शुरू की जाए। आंदोलन कर रहे अभ्यर्थियों को आजाद समाज पार्टी और भाजपा के युवा नेताओं का भी समर्थन मिला है।
254 कर्मियों की बर्खास्तगी के बाद उठी बहाली की मांग
गौरतलब है कि मार्च 2025 में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद पलामू जिले में कार्यरत 254 फोर्थ ग्रेड कर्मचारियों की सेवा समाप्त कर दी गई थी। इसके बाद नई नियुक्ति प्रक्रिया शुरू करने की पहल हुई थी, लेकिन झारखंड में चतुर्थ श्रेणी नियुक्ति नियमावली का हवाला देते हुए प्रक्रिया रोक दी गई।
छात्र इसी रुकी हुई बहाली प्रक्रिया को दोबारा शुरू करने की मांग कर रहे हैं। उनका आंदोलन चार अगस्त से जारी है, जो अब भूख हड़ताल में बदल गया है।
लिखित परीक्षा के आधार पर नियुक्ति की मांग
अनशन पर बैठे छात्र सत्यनारायण शुक्ला ने कहा कि फोर्थ ग्रेड बहाली केवल मैट्रिक के अंकों के आधार पर नहीं होनी चाहिए। उन्होंने मांग की कि नियुक्ति प्रक्रिया लिखित परीक्षा के माध्यम से पूरी की जाए, जिससे सभी अभ्यर्थियों को समान अवसर मिल सके।
छात्रों ने बताया कि इस संबंध में वे मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव को भी पत्र दे चुके हैं तथा अपनी मांगों को लेकर मुलाकात भी कर चुके हैं। उनका कहना है कि यदि सरकार लिखित परीक्षा के आधार पर नियुक्ति प्रक्रिया शुरू करती है तो आंदोलन समाप्त कर दिया जाएगा।
राजनीतिक दलों ने दिया समर्थन
आजाद समाज पार्टी के अभय सिंह चेरो ने छात्रों के आंदोलन का समर्थन करते हुए कहा कि उनकी मांगों को लेकर पार्टी उनके साथ खड़ी है। वहीं भाजपा युवा नेता आशीष भारद्वाज ने भी आंदोलन को समर्थन देते हुए कहा कि छात्रों की मांगों पर सरकार को गंभीरता से विचार करना चाहिए।
छात्रों का कहना है कि वे लंबे समय से इस मुद्दे को उठा रहे हैं और अब सरकार से जल्द निर्णय की उम्मीद कर रहे हैं।
