रांची: जेपीएससी और जेएसएससी भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में जारी अभ्यर्थियों के आंदोलन को शुक्रवार को ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) का समर्थन मिला। संगठन की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा आंदोलन स्थल पहुंचीं और अनशनरत छात्रों समेत अन्य अभ्यर्थियों से मुलाकात कर उनकी मांगों और समस्याओं की जानकारी ली।
छात्रों को संबोधित करते हुए नेहा बोरा ने कहा कि भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता, निष्पक्षता और जवाबदेही सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है। उनके अनुसार, झारखंड के युवा अपने भविष्य और रोजगार से जुड़े मुद्दों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं, इसलिए उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि यह केवल झारखंड के अभ्यर्थियों का मुद्दा नहीं, बल्कि देशभर के युवाओं के अधिकारों से जुड़ा विषय है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि AISA छात्रों के आंदोलन के साथ खड़ा रहेगा और प्रस्तावित विधानसभा मार्च में भी भाग लेगा।
आंदोलनकारी छात्रों ने आरोप लगाया कि जेपीएससी की विभिन्न भर्ती परीक्षाएं पहले भी विवादों में रही हैं और हालिया परीक्षा को लेकर भी कई सवाल उठाए जा रहे हैं। उनका कहना है कि भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता बहाल करने के लिए व्यापक सुधार आवश्यक हैं।
छात्रों ने मांग दोहराई कि जिन परीक्षाओं में पेपर लीक, धांधली या अन्य अनियमितताओं के आरोप लगे हैं, उनकी निष्पक्ष जांच कर आवश्यक होने पर दोबारा परीक्षा आयोजित की जाए। उनका कहना है कि केवल जांच पर्याप्त नहीं होगी, बल्कि भर्ती प्रक्रिया में भरोसा बहाल करने के लिए ठोस कदम उठाने होंगे।
आंदोलनकारियों ने भर्ती परीक्षाओं के आयोजन में निजी एजेंसियों की भूमिका पर भी सवाल उठाते हुए भविष्य में आयोगों और सरकार के स्तर पर सीधे परीक्षा आयोजित करने की मांग की। उनका कहना है कि इससे जवाबदेही तय होगी और अनियमितताओं की संभावना कम होगी।
छात्रों ने भर्ती प्रक्रिया में सुधार, पारदर्शी परीक्षा प्रणाली और समयबद्ध परीक्षा कैलेंडर लागू करने की मांग भी रखी। वहीं, नेहा बोरा ने अनशनरत छात्रों के संघर्ष की सराहना करते हुए युवाओं से शांतिपूर्ण तरीके से अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाने और आंदोलन का समर्थन करने की अपील की।
आंदोलन में शामिल अभ्यर्थियों ने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी प्रमुख मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक उनका धरना और अनशन जारी रहेगा।
