Friday, August 7, 2026

झारखंड में 63 लाख से अधिक मतदाताओं का होगा सत्यापन, चुनाव आयोग जारी करेगा नोटिस.

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रांची: झारखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के तहत बड़ी संख्या में मतदाताओं के रिकॉर्ड की जांच की जा रही है। इस प्रक्रिया के दौरान करीब 63.24 लाख मतदाताओं को सत्यापन के लिए नोटिस भेजने की तैयारी की गई है। इन मामलों में मतदाताओं से आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने और अपना पक्ष रखने को कहा जाएगा।

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने गुरुवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जिला निर्वाचन पदाधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में दावा-आपत्ति प्रक्रिया की प्रगति पर चर्चा की गई और निर्देश दिया गया कि सभी मामलों का समयबद्ध एवं पारदर्शी तरीके से निपटारा सुनिश्चित किया जाए।

चुनाव विभाग के अनुसार, जिन मतदाताओं का रिकॉर्ड नो मैपिंग, डेमोग्राफिकल सिमिलर एंट्री (DSE) या तार्किक विसंगति की श्रेणी में पाया गया है, उन्हें नोटिस जारी किया जाएगा। इन श्रेणियों में ऐसे मामले शामिल हैं, जिनमें मतदाता के नाम, माता-पिता के नाम, जन्मतिथि या अन्य विवरण में असमानता है अथवा एक से अधिक स्थानों पर नाम दर्ज होने की संभावना है।

ड्राफ्ट मतदाता सूची के अनुसार राज्य में कुल 2,21,01,249 मतदाता दर्ज हैं। इनमें से 63,24,116 मामलों की जांच की जाएगी। इनमें 14,03,205 नो-मैपिंग, 3,65,684 डेमोग्राफिकल सिमिलर एंट्री और 45,55,227 तार्किक विसंगति वाले मामले शामिल हैं।

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने स्पष्ट किया कि केवल संदेह के आधार पर किसी भी मतदाता का नाम मतदाता सूची से नहीं हटाया जाएगा। प्रत्येक मामले में निर्वाचन निबंधन पदाधिकारी (ERO) के स्तर पर विधिसम्मत सुनवाई होगी। संबंधित मतदाता को नोटिस देकर आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने का अवसर दिया जाएगा और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही अंतिम निर्णय लिया जाएगा।

यदि पहली बार भेजे गए नोटिस के बाद संबंधित मतदाता उपस्थित नहीं होते हैं, तो दूसरी बार भी नोटिस जारी किया जाएगा। नोटिस मिलने के बाद मतदाता को निर्धारित समय, सामान्यतः एक सप्ताह के भीतर, आवश्यक दस्तावेजों के साथ उपस्थित होना होगा। इसके बाद संबंधित अधिकारी नियमानुसार निर्णय लेंगे।

निर्वाचन विभाग का लक्ष्य 3 अक्टूबर तक सभी सत्यापन और दावा-आपत्ति मामलों का निपटारा करना है। इसके बाद अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी। विभाग ने दोहराया है कि पूरी प्रक्रिया भारत निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से पूरी की जाएगी।

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