Tuesday, August 4, 2026

चाईबासा सदर अस्पताल में विश्व स्तनपान सप्ताह की शुरुआत, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य पर दिया गया विशेष जोर.

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चाईबासा: पश्चिमी सिंहभूम के सदर अस्पताल में विश्व स्तनपान सप्ताह 2026 के अवसर पर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ सिविल सर्जन एवं मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. जुझार माझी ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस दौरान चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों ने स्तनपान के महत्व को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डॉ. जुझार माझी ने कहा कि नवजात शिशु के बेहतर स्वास्थ्य के लिए जन्म के पहले घंटे के भीतर स्तनपान शुरू करना बेहद आवश्यक है। उन्होंने अस्पताल में प्रसव कराने वाली सभी माताओं को स्तनपान से संबंधित सही परामर्श और आवश्यक मार्गदर्शन उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए।

जिला प्रजनन एवं बाल स्वास्थ्य पदाधिकारी (DRCHO) डॉ. मीनू कुमारी ने बताया कि जन्म के बाद पहले छह माह तक शिशु को केवल मां का दूध ही दिया जाना चाहिए। इसके बाद पौष्टिक पूरक आहार शुरू करते हुए कम से कम दो वर्ष तक स्तनपान जारी रखने की सलाह दी जाती है, जिससे बच्चे के शारीरिक और मानसिक विकास के साथ उसकी रोग प्रतिरोधक क्षमता भी मजबूत होती है।

इस अवसर पर एसीएमओ डॉ. मीना कालुंडिया ने नवजात को जन्म के तुरंत बाद मिलने वाले पहले गाढ़े पीले दूध (कोलोस्ट्रम) के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि इससे जुड़े भ्रमों को दूर करना आवश्यक है, क्योंकि यही दूध शिशु के लिए प्राकृतिक सुरक्षा कवच का काम करता है।

कार्यक्रम के दौरान हाल ही में मातृत्व प्राप्त करने वाली महिलाओं को मदर-केयर किट और पौष्टिक फल वितरित किए गए। साथ ही उन्हें स्तनपान की सही विधि, स्वच्छता संबंधी सावधानियां और नवजात की देखभाल के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।

इस जागरूकता अभियान में अस्पताल के चिकित्सकों, नर्सिंग स्टाफ, एएनएम, आशा कार्यकर्ताओं तथा बड़ी संख्या में धात्री माताओं ने भाग लिया। आयोजन का उद्देश्य स्तनपान के प्रति जागरूकता बढ़ाना और मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए समुदाय को प्रेरित करना था।

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