जामताड़ा: समाहरणालय सभागार में गुरुवार को उपायुक्त एवं जिला दंडाधिकारी आलोक कुमार की अध्यक्षता में जिला योजना कार्यकारिणी समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए जिला योजना अनाबद्ध निधि के अंतर्गत प्राप्त विकास योजनाओं की विस्तार से समीक्षा की गई और उनके प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
बैठक के दौरान जिले में बुनियादी सुविधाओं के विस्तार और आम नागरिकों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए विकास कार्यों को प्राथमिकता देने पर जोर दिया गया। नई परियोजनाओं, पेयजल योजनाओं तथा विभिन्न मरम्मत एवं जीर्णोद्धार संबंधी प्रस्तावों पर अधिकारियों ने विस्तृत चर्चा की।
उपायुक्त ने बताया कि जिले के जनप्रतिनिधियों, विभिन्न विभागों, पुलिस प्रशासन, शिक्षा विभाग, प्रखंड कार्यालयों, नगर निकायों, जनता दरबार, सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से कुल 241 विकास प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इन सभी प्रस्तावों का क्रमवार परीक्षण कर उनकी उपयोगिता और प्राथमिकता पर विचार किया गया।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जिन योजनाओं का चयन किया जाए, उनका लाभ अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचे। प्रत्येक प्रस्ताव के साथ संभावित लाभार्थियों की संख्या और परियोजना के सामाजिक प्रभाव का स्पष्ट आकलन प्रस्तुत करने को कहा गया। साथ ही योजनाओं के चयन और क्रियान्वयन में पारदर्शिता बनाए रखने पर भी विशेष बल दिया गया।
बैठक में कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर भी विचार हुआ। इनमें कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में डाइनिंग टेबल उपलब्ध कराने, रेलवे स्टेशन से वीर कुंवर सिंह चौक तक स्ट्रीट लाइट लगाने सहित अन्य आधारभूत विकास कार्य शामिल रहे।
बैठक में उप विकास आयुक्त असीम किस्पोट्टा, जिला पंचायत राज पदाधिकारी पंकज कुमार रवि, जिला योजना पदाधिकारी चंद्रदेव पासवान, जिला शिक्षा पदाधिकारी चार्ल्स हेंब्रम, जिला शिक्षा अधीक्षक विकेश कुणाल प्रजापति, जिला कृषि पदाधिकारी लव कुमार, विभिन्न विभागों के कार्यपालक अभियंता तथा अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
