Thursday, April 16, 2026

8वें वेतन आयोग के प्रस्ताव में 3.83 फिटमेंट फैक्टर के साथ न्यूनतम वेतन ₹69,000 और 6% सालाना वृद्धि की सिफारिश की गई है.

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नई दिल्ली: केंद्र सरकार के लाखों कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए एक बहुत बड़ी और अच्छी खबर सामने आई है. सरकारी कर्मचारियों की सबसे बड़ी संस्था, नेशनल काउंसिल ऑफ जॉइंट कंसल्टेटिव मशीनरी (NC-JCM) ने 8वें वेतन आयोग के सामने अपनी मांगों का पिटारा खोल दिया है. इस प्रस्ताव में कर्मचारियों की सैलरी में भारी बढ़ोतरी की सिफारिश की गई है.

न्यूनतम सैलरी में 3 गुना से ज्यादा की बढ़ोतरी
सबसे खास बात यह है कि NC-JCM ने सरकार से 3.833 फिटमेंट फैक्टर की मांग की है. फिटमेंट फैक्टर वह फॉर्मूला है जिससे कर्मचारियों की बेसिक सैलरी तय होती है. अगर सरकार इस मांग को मान लेती है, तो कर्मचारियों की न्यूनतम बेसिक सैलरी जो अभी 18,000 रुपये है, वह बढ़कर सीधे 69,000 रुपये हो जाएगी. यानी सैलरी में सीधे 3.8 गुना का इजाफा होगा.

अब 3 नहीं, 5 लोगों के परिवार के हिसाब से बनेगा वेतन
वेतन बढ़ाने के पीछे यूनियनों ने एक बहुत ही व्यावहारिक तर्क दिया है. अब तक सरकार सैलरी तय करते समय यह मानती थी कि एक परिवार में 3 लोग (पति, पत्नी और बच्चा) होते हैं. लेकिन इस बार NC-JCM ने ‘पांच-इकाई मॉडल’ का प्रस्ताव दिया है. इसमें कर्मचारी, उसकी पत्नी, दो बच्चे और दो बुजुर्ग माता-पिता को शामिल किया गया है. यूनियनों का कहना है कि आज के दौर में महंगाई, बच्चों की पढ़ाई और माता-पिता की बीमारी के खर्च को देखते हुए 69,000 रुपये की न्यूनतम सैलरी बहुत जरूरी है.

सालाना तरक्की और अन्य फायदे
वेतन वृद्धि के अलावा कुछ और भी बड़ी मांगें रखी गई हैं:

  • सालाना इंक्रीमेंट: अभी हर साल सैलरी में 3% की बढ़ोतरी होती है, जिसे बढ़ाकर 6% करने की मांग की गई है.
  • प्रमोशन पर लाभ: प्रमोशन मिलने पर कर्मचारी को दो इंक्रीमेंट देने और कम से कम 10,000 रुपये का फायदा सुनिश्चित करने का प्रस्ताव है.
  • रिटायरमेंट पर ग्रेच्युटी: सेवानिवृत्ति के समय मिलने वाली ग्रेच्युटी की रकम को भी बढ़ाने की बात कही गई है.

किसे और कब मिलेगा फायदा?
इन बदलावों का सीधा असर देश के 50 लाख से ज्यादा कर्मचारियों और करीब 65 लाख पेंशनभोगियों पर पड़ेगा. 8वें वेतन आयोग का गठन नवंबर 2025 में हो चुका है और इसे अपनी रिपोर्ट देने के लिए 18 महीने का समय मिला है. हालांकि, माना जा रहा है कि नई सैलरी 1 जनवरी 2026 से लागू की जा सकती है. अगर रिपोर्ट आने में देरी होती है, तो कर्मचारियों को पिछला बकाया यानी ‘एरियर’ भी मिल सकता है.

फिलहाल, यह एक प्रस्ताव है और अंतिम फैसला सरकार को लेना है. बाजार के जानकारों का मानना है कि भले ही सरकार पूरी 69,000 की मांग न माने, लेकिन सैलरी में एक सम्मानजनक बढ़ोतरी जरूर होगी.

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