पटना: बिहार सरकार ने आम लोगों की शिकायतों के समयबद्ध निपटारे को लेकर प्रशासनिक अधिकारियों की जवाबदेही तय करने पर जोर दिया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि सहयोग पोर्टल पर आने वाली शिकायतों का निर्धारित समय में समाधान नहीं होने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। लापरवाही जारी रहने पर निलंबन तक का प्रावधान रखा गया है।
मुख्यमंत्री सचिवालय में मंगलवार को आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने विद्यार्थियों, महिलाओं और रोजगार से जुड़े सरकारी प्रयासों की जानकारी दी। इस दौरान छात्रों की समस्याओं के समाधान के लिए शुरू किए गए ‘विद्यार्थी सहयोग शिविर’ का भी उल्लेख किया गया।
छात्रों की समस्याओं के लिए शिविर की शुरुआत
मुख्यमंत्री के अनुसार, विद्यार्थियों की शिक्षा से जुड़ी परेशानियों को दूर करने के लिए ऑनलाइन व्यवस्था के साथ अब शिविर के माध्यम से भी शिकायतों का समाधान किया जाएगा। इसमें स्कूल-कॉलेज, छात्रावास और शिक्षा से संबंधित अन्य समस्याओं को शामिल किया गया है।
सरकार का कहना है कि विद्यार्थियों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए बेहतर व्यवस्था उपलब्ध कराना प्राथमिकता है।
सहयोग पोर्टल पर 6.46 लाख आवेदन
मुख्यमंत्री ने बताया कि सहयोग पोर्टल पर अब तक करीब 6.46 लाख आवेदन प्राप्त हुए हैं। इनमें लगभग 96 प्रतिशत मामलों का निपटारा किया जा चुका है।
सरकार ने शिकायतों के समाधान के लिए 30 दिन की समयसीमा तय की है। अधिकारियों की निगरानी के लिए चरणबद्ध नोटिस की व्यवस्था भी लागू है।
- शिकायत के 11वें दिन पहला नोटिस
- 21वें दिन दूसरा नोटिस
- 25वें दिन तीसरा नोटिस
- इसके बाद भी समाधान नहीं होने पर कार्रवाई का प्रावधान
मुख्यमंत्री के मुताबिक, करीब 5 हजार मामलों में पहला नोटिस, लगभग 600 मामलों में दूसरा नोटिस और 325 मामलों में तीसरा नोटिस जारी किया जा चुका है।
रोजगार बढ़ाने पर सरकार का जोर
सम्राट चौधरी ने कहा कि सरकार का लक्ष्य युवाओं को बड़े पैमाने पर सरकारी नौकरी और रोजगार के अवसरों से जोड़ना है। उन्होंने बताया कि पहले तय किए गए रोजगार लक्ष्य के मुकाबले बड़ी संख्या में सरकारी नियुक्तियां और रोजगार उपलब्ध कराने का दावा सरकार की ओर से किया गया है।
अब सरकार ने करीब एक करोड़ लोगों को सरकारी नौकरी और रोजगार से जोड़ने का लक्ष्य रखा है। इसमें महिलाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने को भी महत्वपूर्ण हिस्सा बताया गया।
महिला सशक्तीकरण को बताया अहम
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार के विकास में महिलाओं की भागीदारी महत्वपूर्ण है। उन्होंने पंचायत और नगर निकाय चुनावों में महिलाओं को दिए गए 50 प्रतिशत आरक्षण का उल्लेख करते हुए कहा कि बड़ी संख्या में महिलाएं स्थानीय जनप्रतिनिधि के तौर पर आगे आ रही हैं।
सरकार का फोकस महिलाओं को रोजगार, स्वास्थ्य और सामाजिक विकास से जोड़ने पर भी है।
कार्यक्रम में कई मंत्री और अधिकारी रहे मौजूद
कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी और बिजेंद्र प्रसाद यादव समेत कई मंत्री, वरिष्ठ अधिकारी, जीविका से जुड़ी महिलाएं तथा अन्य लाभुक मौजूद रहे। सरकार ने कहा कि प्रशासनिक सेवाओं और जनकल्याणकारी योजनाओं में समयबद्धता और जवाबदेही को आगे भी प्राथमिकता दी जाएगी।
