Wednesday, July 1, 2026

26 दिन तक अतिचारी गुरु करेंगे इन राशियों को परेशान, आर्थिक, स्वास्थ्य और पारिवारिक जीवन पर पड़ सकते हैं प्रभाव

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गुरु ग्रह का अस्त होना कुछ राशियों में जीवन के उतार-चढ़ाव ला सकता है, लेकिन सही उपायों से प्रभावों को कम किया जा सकता है.

 वैदिक ज्योतिष में गुरु ग्रह को ज्ञान, समृद्धि और विस्तार का कारक माना जाता है. यह एक शुभ ग्रह है और इसकी मजबूत स्थिति जीवन में सकारात्मकता लाती है. वर्तमान में, गुरु ग्रह अतिचारी अवस्था में मिथुन राशि में विराजमान हैं और 10 जून को पश्चिम दिशा में अस्त होने जा रहे हैं. इसके बाद 26 दिन बाद, यानी 6 जुलाई, दिन रविवार को उदय होंगे. विशेष रूप से, गुरु अतिचारी अवस्था में ही अस्त हो रहे हैं, जिसका प्रभाव विभिन्न राशियों पर पड़ेगा. आइए जानते हैं वैदिक ज्योतिष और वास्तु एक्सपर्ट आदित्य झा से कि गुरु के अस्त होने से किन 4 राशियों को जीवन में उतार-चढ़ाव का सामना करना पड़ सकता है और उन पर क्या नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है.

गुरु ग्रह 10 जून को अस्त हो रहे हैं और 6 जुलाई को उदय होंगे. इस दौरान गुरु की शक्तियां कम हो जाएंगी, जिसके कारण कुछ राशियों को परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है. गुरु का अतिचारी अवस्था में अस्त होना विशेष रूप से महत्वपूर्ण है, क्योंकि इससे शुभ फलों में कमी आ सकती है.

ये हैं वो 4 राशियाँ जिन पर पड़ेगा प्रभाव

1. वृषभ राशि: वृषभ राशि की कुंडली में आठवें और लाभ भाव के स्वामी बृहस्पति हैं और यह आपके दूसरे भाव में गोचर करते हुए अस्त हो रहे हैं. दूसरे भाव में बृहस्पति का अस्त होना आपके लिए थोड़े कमजोर परिणाम देने वाला माना जाएगा. बृहस्पति के अस्त होने की वजह से वृषभ राशि वालों के आय के स्रोतों पर थोड़ा असर पड़ सकता है, जिससे वे कमजोर हो सकते हैं. परिवारिक मामलों में कम अनुकूलता मिलने के कारण कुछ पुरानी पारिवारिक समस्याएं फिर से उभर सकती हैं. परिवार के सदस्यों के साथ सौहार्द बनाए रखने का प्रयास करें और आय के नए स्रोतों की तलाश में सक्रिय रहें.

2. मिथुन राशि: मिथुन राशि वालों की कुंडली में बृहस्पति सातवें घर और कर्म घर के स्वामी हैं. वर्तमान में यह आपके पहले घर में अस्त है. इसके कारण रोजमर्रा के कामकाज में थोड़ी धीमापन आ सकता है. अगर शादी की बात चल रही हो, तो उसमें भी कुछ देरी हो सकती है. साथ ही, वैवाहिक मामलों में उत्साह थोड़ा कम हो सकता है. यानी गुरु ग्रह के अस्त होने के कारण चीजें पहले की तुलना में थोड़ी धीमी हो सकती हैं, लेकिन कोई बड़ी नकारात्मकता नहीं आएगी. धैर्य बनाए रखें और महत्वपूर्ण निर्णय लेने से पहले अच्छी तरह सोच-विचार करें.

3. वृश्चिक राशि: वृश्चिक राशि वालों के लिए गुरु ग्रह का अस्त होना मध्यम फलदायी रहने वाला है. इस राशि के नौकरी पेशा जातकों को ऑफिस में अधिकारियों और सहकर्मियों की वजह से परेशानी का सामना करना पड़ सकता है, जिसकी वजह से दूसरी नौकरी की तलाश कर सकते हैं. वहीं बिजनस करने वाले इस अवधि में किसी को भी उधारी में माल देने से बचें अन्यथा आर्थिक हानि हो सकती है. अगर आप नया घर या वाहन खरीदना चाहते हैं तो इस अवधि में रुक जाएं अन्यथा परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है. धैर्य और संयम से काम लें, और अनावश्यक वाद-विवाद से बचें. नए निवेश को फिलहाल टाल दें.

4. मीन राशि: मीन राशि के स्वामी स्वयं गुरु ग्रह हैं और गुरु के अस्त होने से मीन राशि वालों को स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है. साथ ही मीन राशि वालों को गुरु के अस्त होने की वजह से आर्थिक मामलों में भी अपेक्षाकृत अधिक सावधानी बरतने की आवश्यकता होगी. निवेश आदि के मामलों में गंभीरता से काम करना जरूरी होगा. हालांकि कोई नकारात्मकता नहीं आएगी, लेकिन सकारात्मकता का ग्राफ थोड़ा कमजोर हो सकता है. अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखें और आर्थिक मामलों में सतर्कता बरतें. किसी भी प्रकार का निवेश करने से पहले विशेषज्ञ की सलाह अवश्य लें.

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