Saturday, October 24, 2026

25 सूत्री मांगों को लेकर निगम कर्मियों की भूख हड़ताल, अधिकारियों से हुई तीखी बहस.

Share

धनबाद | 24 अक्टूबर 2026 | BHARATSUPERFASTNEWS

Dhanbad News: धनबाद नगर निगम के कर्मचारियों और सफाईकर्मियों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर शनिवार को निगम मुख्यालय परिसर में एक दिवसीय भूख हड़ताल और धरना-प्रदर्शन किया। अखिल भारतीय मजदूर संगठन की जिला इकाई धनबाद नगर निगम कर्मचारी यूनियन के नेतृत्व में आयोजित इस प्रदर्शन में कर्मचारियों ने 25 सूत्री मांगों को पूरा करने की मांग उठाई। प्रदर्शन के दौरान यूनियन प्रतिनिधियों और निगम अधिकारियों के बीच तीखी बहस भी हुई।

निगम कर्मियों ने लंबित मांगों को लेकर किया प्रदर्शन

नगर निगम मुख्यालय परिसर में जुटे कर्मचारियों ने वेतन, बोनस, बकाया भुगतान और श्रमिकों की सुरक्षा से जुड़े मुद्दे उठाए। यूनियन का कहना है कि कर्मचारियों की कई मांगें लंबे समय से लंबित हैं, लेकिन अब तक उनका समाधान नहीं किया गया है।

प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने प्रशासन से मांगों पर गंभीरता से विचार करने और श्रमिकों को मिलने वाले अधिकारों को सुनिश्चित करने की अपील की।

कर्मचारियों को धमकाने के आरोप, निगम अधिकारी ने किया खंडन

यूनियन के वरिष्ठ नेता अंजनी सिंह ने नगर निगम प्रशासन पर आरोप लगाया कि धरने में शामिल होने आ रहे दूर-दराज के सफाईकर्मियों को डराया-धमकाया गया। उनके मुताबिक, कुछ कर्मचारियों को नौकरी से हटाने और वेतन काटने की धमकी दिए जाने की बात सामने आई।

वहीं, नगर निगम अधिकारी अनिल कुमार ने इन आरोपों को खारिज किया। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों को डराने-धमकाने की बात बेबुनियाद है। उनके अनुसार, प्रदर्शनकारियों को केवल मुख्य द्वार से हटने के लिए कहा गया था, ताकि कार्यालय का आवागमन बाधित न हो।

इस मामले में दोनों पक्षों के दावों के बीच स्थिति स्पष्ट करने के लिए स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है।

बैंक मोड़ हादसे में घायल मजदूर के इलाज की मांग

धरना-प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों की कार्यस्थल सुरक्षा का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। यूनियन नेताओं ने 23 अक्टूबर को धनबाद के बैंक मोड़ क्षेत्र में हुई दुर्घटना का उल्लेख किया।

यूनियन के अनुसार, डिवाइडर की सफाई के दौरान एक सफाईकर्मी तेज रफ्तार कार की चपेट में आ गया था। हादसे में उसकी कमर की हड्डी गंभीर रूप से टूटने की बात कही गई है और वह अस्पताल में भर्ती है।

संगठन ने घायल कर्मचारी को बेहतर चिकित्सा सुविधा और पर्याप्त आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की मांग की। साथ ही, सभी पात्र कर्मचारियों का कर्मचारी राज्य बीमा (ESI) के तहत पंजीकरण कराने पर जोर दिया, ताकि दुर्घटना या बीमारी की स्थिति में उन्हें चिकित्सा सुरक्षा मिल सके।

क्या हैं निगम कर्मियों की प्रमुख 25 सूत्री मांगें?

धनबाद नगर निगम कर्मचारी यूनियन ने अपनी मांगों में वेतन, सामाजिक सुरक्षा और सेवा संबंधी कई मुद्दों को शामिल किया है। इनमें प्रमुख मांगें हैं:

  • कर्मचारियों के बोनस में वृद्धि।
  • स्थायी और अस्थायी कर्मचारियों के वेतन में सुधार।
  • सातवें वेतनमान के बकाया एरियर का भुगतान।
  • नियमानुसार एश्योर्ड करियर प्रोग्रेशन (ACP) का लाभ देना।
  • भविष्य निधि (PF) की राशि समय पर जमा करना।
  • हर महीने कर्मचारियों को वेतन पर्ची उपलब्ध कराना।
  • कथित रूप से गैरकानूनी तरीके से हटाए गए कर्मचारियों की बहाली।
  • सफाई कार्यों में कथित अनियमितताओं की उच्चस्तरीय जांच।
  • पात्र कर्मचारियों का ESI पंजीकरण सुनिश्चित करना।
  • दुर्घटना में घायल कर्मचारियों को उचित चिकित्सा और आर्थिक सहायता देना।

यूनियन की अन्य मांगें भी कर्मचारियों के वेतन, सुविधाओं और कार्यस्थल पर सुरक्षा से संबंधित हैं।

मांगें पूरी नहीं होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी

यूनियन अध्यक्ष अंजनी सिंह ने कहा कि आंदोलन किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि मजदूरों के अधिकार, सम्मान और सुरक्षा के लिए है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि नगर निगम प्रशासन ने मांगों पर सकारात्मक कदम नहीं उठाए, तो आंदोलन को और तेज किया जा सकता है।

यूनियन की ओर से मांगों से संबंधित ज्ञापन नगर आयुक्त, महापौर और श्रम विभाग को सौंपने की बात कही गई है।

अब निगम प्रशासन के अगले कदम पर नजर

धनबाद नगर निगम कर्मचारियों की भूख हड़ताल ने वेतन, सामाजिक सुरक्षा और कार्यस्थल पर सुरक्षा जैसे मुद्दों को फिर चर्चा में ला दिया है। एक ओर कर्मचारी अपनी मांगों के समाधान की मांग कर रहे हैं, वहीं निगम अधिकारी प्रदर्शन के दौरान लगाए गए धमकी के आरोपों को खारिज कर रहे हैं।

अब देखना होगा कि निगम प्रशासन और कर्मचारी यूनियन के बीच बातचीत से इन मांगों पर कोई सहमति बनती है या आंदोलन आगे बढ़ता है।

BHARATSUPERFASTNEWS

Read more

Local News