रांची, 22 अक्टूबर 2026: झारखंड के विभिन्न सरकारी विभागों, जिला और क्षेत्रीय कार्यालयों में कार्यरत हजारों आउटसोर्सिंग कर्मचारियों को पिछले तीन महीने से वेतन नहीं मिलने की बात सामने आई है। वेतन में देरी के कारण कर्मचारियों के सामने आर्थिक परेशानियां बढ़ गई हैं। अब झारखंड राज्य आउटसोर्स कर्मचारी संघ ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से हस्तक्षेप कर दीपावली से पहले बकाया वेतन का भुगतान सुनिश्चित कराने की मांग की है।
संघ के मुताबिक, कर्मचारी लगातार अपने विभागों में काम कर रहे हैं, लेकिन भुगतान नहीं होने के कारण उन्हें घरेलू खर्च, बच्चों की पढ़ाई और इलाज जैसी जरूरतों को पूरा करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
जुलाई में समाप्त हुआ था पुराना अनुबंध
झारखंड राज्य आउटसोर्स कर्मचारी संघ का कहना है कि JAP-IT द्वारा सूचीबद्ध एजेंसियों के साथ पुराना अनुबंध जुलाई 2026 में समाप्त हो गया था। इसके बाद अनुबंध विस्तार की प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी। वहीं, झारखंड मैनपावर प्रोक्योरमेंट मैनुअल, 2025 के तहत नई संविदा को लेकर भी स्थिति स्पष्ट नहीं होने की बात कही गई है।
संघ के अनुसार, अनुबंध से संबंधित प्रक्रियाओं में देरी का असर कर्मचारियों के वेतन भुगतान पर पड़ रहा है। कर्मचारियों को आशंका है कि प्रशासनिक प्रक्रिया लंबित रहने के कारण उनकी आर्थिक स्थिति और प्रभावित हो सकती है।
काम जारी, लेकिन वेतन भुगतान में देरी
आउटसोर्सिंग कर्मचारी सरकारी कार्यालयों में कंप्यूटर संचालन, डेटा एंट्री, सरकारी दस्तावेजों के रखरखाव, पत्राचार और अन्य कार्यालयी कार्यों में योगदान देते हैं।
संघ ने सवाल उठाया है कि जब कर्मचारियों से नियमित रूप से काम लिया जा रहा है, तो उनके वेतन भुगतान की व्यवस्था समय पर क्यों नहीं हो पा रही है। संगठन का कहना है कि अनुबंध संबंधी देरी का आर्थिक बोझ कर्मचारियों और उनके परिवारों पर नहीं पड़ना चाहिए।
बच्चों की पढ़ाई और इलाज का खर्च उठाना मुश्किल
तीन महीने से वेतन नहीं मिलने के कारण कर्मचारियों के सामने रोजमर्रा के खर्च पूरे करने की चुनौती खड़ी हो गई है। सीमित मानदेय पर निर्भर कर्मचारियों के लिए घर का किराया, राशन, बच्चों की पढ़ाई, दवाइयां और अन्य जरूरी खर्च संभालना कठिन हो सकता है।
संघ का कहना है कि दीपावली जैसे त्योहार से पहले वेतन नहीं मिलने से कर्मचारियों की परेशानी बढ़ गई है। इसी वजह से संगठन ने सरकार से जल्द भुगतान कराने की अपील की है।
आउटसोर्स कर्मचारी संघ की सरकार से प्रमुख मांगें
झारखंड राज्य आउटसोर्स कर्मचारी संघ ने सरकार के सामने कई मांगें रखी हैं। इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं:
- बकाया वेतन का भुगतान: अक्टूबर 2026 तक लंबित वेतन का भुगतान दीपावली से पहले कराया जाए।
- अनुबंध प्रक्रिया में तेजी: JAP-IT और संबंधित एजेंसियों के बीच अनुबंध विस्तार या नई संविदा की प्रक्रिया जल्द पूरी की जाए।
- नियमित भुगतान की व्यवस्था: एजेंसी बदलने या अनुबंध समाप्त होने की स्थिति में भी कर्मचारियों का वेतन बाधित नहीं होना चाहिए।
- जवाबदेही तय हो: वेतन भुगतान में देरी के कारणों की समीक्षा कर जिम्मेदारी निर्धारित की जाए।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से हस्तक्षेप की अपील
संघ ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मामले में हस्तक्षेप कर कर्मचारियों को जल्द राहत दिलाने की मांग की है। संगठन का कहना है कि कर्मचारी किसी अतिरिक्त सुविधा के बजाय अपने काम के बदले समय पर पारिश्रमिक चाहते हैं।
अब देखना होगा कि सरकार और संबंधित विभाग वेतन भुगतान तथा अनुबंध प्रक्रिया को लेकर क्या कदम उठाते हैं। फिलहाल, बकाया वेतन के भुगतान की आधिकारिक समयसीमा की पुष्टि जरूरी है।
BHARATSUPERFASTNEWS
