Ranchi News: 14वीं झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) प्रारंभिक परीक्षा में कथित फर्जीवाड़े से जुड़े मामले में आरोपी रक्षक सिंह को अदालत से राहत नहीं मिली है। अपर न्यायायुक्त योगेश कुमार की अदालत ने उसकी जमानत याचिका खारिज कर दी है।
रक्षक सिंह ने 27 अगस्त 2026 को जमानत के लिए याचिका दाखिल की थी। सुनवाई के बाद अदालत ने उसे जमानत देने से इनकार कर दिया।
TDPL में अकाउंटेंट था रक्षक सिंह
रक्षक सिंह परीक्षा संचालन से जुड़ी एजेंसी TDPL में अकाउंटेंट के पद पर कार्यरत था। 14वीं JPSC प्रारंभिक परीक्षा के आयोजन की जिम्मेदारी इसी एजेंसी को दी गई थी।
CID ने रक्षक सिंह को 6 अगस्त को लखनऊ से गिरफ्तार किया था। उसकी गिरफ्तारी के साथ मामले में जांच का दायरा परीक्षा संचालन से जुड़े लोगों तक भी पहुंचा था।
JPSC परीक्षा में कथित गड़बड़ी की जांच जारी
14वीं JPSC परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर CID जांच कर रही है। जांच के दौरान परीक्षा संचालन और OMR से जुड़ी गड़बड़ियों समेत कई पहलुओं की पड़ताल की जा रही है। मामले में TDPL से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका भी जांच के दायरे में रही है।
मामले में कई आरोपी हो चुके हैं गिरफ्तार
इस मामले में JPSC के तत्कालीन अध्यक्ष एल. खियांग्ते समेत कई आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। अलग-अलग आरोपियों की जमानत याचिकाओं पर भी अदालत में सुनवाई चल रही है। सितंबर में पूर्व उप परीक्षा नियंत्रक श्वेता गुप्ता की जमानत याचिका पर सुनवाई पूरी होने के बाद अदालत ने फैसला सुरक्षित रखा था।
वहीं, इस मामले में अन्य आरोपियों की जमानत याचिकाएं भी अदालत के समक्ष विचाराधीन रही हैं। जांच एजेंसी की कार्रवाई अभी जारी है।
