एशियन गेम्स एशिया के सबसे बड़े बहु-खेल आयोजनों में से एक है। चार साल के अंतराल पर होने वाला यह आयोजन अलग-अलग देशों के खिलाड़ियों को एक मंच पर लाता है। 2026 में एशियन गेम्स का 20वां संस्करण जापान के आइची-नागोया में आयोजित किया जा रहा है। प्रतियोगिता 19 सितंबर से 4 अक्टूबर तक चलेगी, जिसमें एशिया की 45 राष्ट्रीय ओलंपिक समितियों के खिलाड़ी हिस्सा लेंगे।
एशियन गेम्स की जड़ें इससे पहले आयोजित होने वाली क्षेत्रीय खेल प्रतियोगिताओं से जुड़ी हैं। ओलंपिक काउंसिल ऑफ एशिया के मुताबिक, एशिया में बहु-खेल आयोजनों की शुरुआत 1913 में फिलीपींस के मनीला में हुए फार ईस्टर्न चैंपियनशिप गेम्स से हुई थी। पश्चिमी एशिया में भी 1930 के दशक में अलग खेल प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। द्वितीय विश्व युद्ध के बाद इन अलग-अलग आयोजनों को एक व्यापक एशियाई खेल प्रतियोगिता के रूप में जोड़ने का विचार सामने आया।
1948 के लंदन ओलंपिक के दौरान एशियाई देशों के प्रतिनिधियों के बीच इस तरह के एक साझा खेल आयोजन को लेकर चर्चा हुई। इसके बाद 1949 में नई दिल्ली में एशियन गेम्स फेडरेशन का गठन हुआ और 1951 में भारत की राजधानी नई दिल्ली ने पहले एशियन गेम्स की मेजबानी की।
पहले एशियन गेम्स में 11 राष्ट्रीय ओलंपिक समितियों के 489 खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया था। उस समय प्रतियोगिता में आज की तुलना में काफी कम खेल शामिल थे। नई दिल्ली में आयोजित उस पहले संस्करण में 57 स्पर्धाएं हुई थीं।
समय के साथ एशियन गेम्स का दायरा लगातार बढ़ता गया। 1978 तक इसका संचालन एशियन गेम्स फेडरेशन के अधीन रहा। इसके बाद एशियाई खेलों के संचालन की जिम्मेदारी ओलंपिक काउंसिल ऑफ एशिया यानी OCA के पास आ गई। 1982 के नई दिल्ली एशियन गेम्स OCA के तहत आयोजित होने वाले पहले एशियाई खेल थे।
2026 के आइची-नागोया एशियन गेम्स में 45 देशों और क्षेत्रों के खिलाड़ी शामिल होंगे। OCA के अनुसार इस संस्करण में 43 खेल और 71 डिसिप्लिन रखी गई हैं। इनमें एथलेटिक्स, तैराकी, बैडमिंटन, क्रिकेट, फुटबॉल, हॉकी, कबड्डी, कुश्ती, शूटिंग और कई अन्य खेल शामिल हैं।
खेलों की संख्या हर संस्करण में एक जैसी नहीं रहती। उदाहरण के लिए, हांग्जो 2022 एशियन गेम्स में 40 खेल शामिल थे। वहीं आइची-नागोया 2026 के कार्यक्रम में खेलों की संख्या बढ़ाकर 43 की गई है। क्रिकेट और ई-स्पोर्ट्स जैसे खेल भी मौजूदा एशियाई खेल कार्यक्रम का हिस्सा हैं।
एशियन गेम्स में चीन लंबे समय से मजबूत प्रदर्शन करने वाले देशों में रहा है। भारत भी इस प्रतियोगिता के इतिहास में लगातार हिस्सा लेने वाले प्रमुख देशों में शामिल है। हांग्जो 2022 में भारतीय दल ने कुल 107 पदक जीते थे, जो उस समय देश का एशियन गेम्स में सर्वाधिक पदकों वाला प्रदर्शन था।
2026 में जापान तीसरी बार एशियन गेम्स की मेजबानी कर रहा है। इससे पहले टोक्यो ने 1958 और हिरोशिमा ने 1994 में इन खेलों की मेजबानी की थी। आइची-नागोया संस्करण में 45 राष्ट्रीय ओलंपिक समितियों के 11,000 से अधिक खिलाड़ियों के हिस्सा लेने की जानकारी OCA ने दी है।
करीब सात दशक से ज्यादा के सफर में एशियन गेम्स 11 देशों की छोटी शुरुआत से बढ़कर पूरे एशिया के बड़े खेल आयोजन में बदल चुका है। 2026 का संस्करण इस विस्तार की अगली कड़ी है, जिसमें अलग-अलग खेलों के खिलाड़ी एक ही मंच पर प्रतिस्पर्धा करेंगे।
