रांची: झारखंड में 108 एंबुलेंस सेवा से जुड़े कर्मचारियों का विरोध-प्रदर्शन मंगलवार को लगातार दूसरे दिन भी जारी रहा। कर्मचारी काला बिल्ला लगाकर ड्यूटी करते हुए अपनी विभिन्न मांगों के समर्थन में विरोध जता रहे हैं। झारखंड प्रदेश एंबुलेंस कर्मचारी संघ ने मांगों पर जल्द निर्णय नहीं होने की स्थिति में 28 सितंबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने की चेतावनी दी है।
ड्यूटी के साथ आंदोलन जारी
संघ का कहना है कि कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर सरकार और संबंधित विभाग के समक्ष कई बार बात रखी है, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं हुई है। इसके बावजूद कर्मचारी आपातकालीन सेवा को प्रभावित किए बिना अपनी ड्यूटी निभाते हुए आंदोलन कर रहे हैं।
प्रदेश अध्यक्ष नीरज तिवारी ने कहा कि एंबुलेंस कर्मचारी लगातार लोगों को आपातकालीन सेवाएं उपलब्ध करा रहे हैं। इसके बावजूद उनकी समस्याओं के समाधान को लेकर सरकार की ओर से अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने सरकार से कर्मचारियों के साथ जल्द वार्ता कर मांगों का समाधान करने की अपील की।
ये हैं कर्मचारियों की प्रमुख मांगें
संघ की ओर से रखी गई प्रमुख मांगों में शामिल हैं—
- 108 एंबुलेंस सेवा का संचालन सरकारी स्तर से किया जाए।
- सम्मान फाउंडेशन से हटाए गए कर्मचारियों को दोबारा सेवा में लिया जाए।
- कर्मचारियों को EPF और ESI की सुविधा दी जाए।
- ओवरटाइम और ग्रेच्युटी का लाभ सुनिश्चित किया जाए।
- न्यूनतम वेतन समेत कर्मचारियों के अन्य वैधानिक अधिकार दिए जाएं।
19 से 25 सितंबर तक आंदोलन तेज करने की तैयारी
संघ ने आंदोलन के अगले चरण का कार्यक्रम भी जारी किया है। इसके अनुसार 14 से 19 सितंबर तक कर्मचारी काला बिल्ला लगाकर काम करेंगे। इसके बाद 19 सितंबर को कैंडल मार्च और 21 सितंबर को भिक्षाटन कार्यक्रम आयोजित करने की बात कही गई है।
23 सितंबर को धरना-प्रदर्शन और 25 सितंबर को राज्यव्यापी एक दिवसीय हड़ताल का कार्यक्रम निर्धारित है। इस दिन नामकुम स्थित NHM कार्यालय के सामने धरना देने की भी घोषणा की गई है।
संघ ने स्पष्ट किया है कि यदि निर्धारित अवधि में उनकी मांगों पर समाधान नहीं हुआ, तो 28 सितंबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की जा सकती है।
