Saturday, November 7, 2026

‘हिम्मत है तो मेरी छाती पर बुलडोजर चलाओ’, अभिषेक बनर्जी के घर के बाहर ममता बनर्जी का पुलिस पर हमला

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Kolkata News, 7 November 2026: तृणमूल कांग्रेस (TMC) प्रमुख ममता बनर्जी ने अपने भतीजे और पार्टी सांसद अभिषेक बनर्जी के कालीघाट स्थित आवास के बाहर हुई घटना को लेकर पुलिस प्रशासन पर नाराजगी जताई। शनिवार सुबह धरना स्थल पर पहुंचीं ममता ने पुलिस को चुनौती देते हुए कहा, “अगर हिम्मत है तो मेरी छाती पर बुलडोजर चलाओ।”

दरअसल, शुक्रवार और शनिवार की दरमियानी रात अभिषेक बनर्जी के आवास और पार्टी कार्यालय के आसपास कथित हमले और तोड़फोड़ की घटना सामने आई थी। इसके विरोध में अभिषेक रातभर अपने घर के बाहर धरने पर बैठे रहे। शनिवार सुबह ममता बनर्जी भी वहां पहुंचीं और पुलिस के रवैये पर सवाल उठाए।

पुलिस प्रशासन पर निष्पक्षता नहीं बरतने का आरोप

अभिषेक के आवास के बाहर समर्थकों को संबोधित करते हुए ममता बनर्जी ने पुलिस प्रशासन को निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि पुलिस के पास कितने बुलडोजर हैं, उन्हें उनकी छाती और शरीर पर चलाया जाए।

ममता ने कालीघाट थाने के प्रभारी अधिकारी (OC) के व्यवहार पर भी नाराजगी जताई। उनका आरोप था कि अभिषेक ने जब पुलिस अधिकारी से बात करने की कोशिश की, तो उनके साथ ठीक व्यवहार नहीं किया गया।

ममता ने पुलिस से निष्पक्षता बरतने की अपील करते हुए कहा कि यदि पुलिस अपनी सीमा पार करती है तो वह इस मामले को सुप्रीम कोर्ट तक ले जाएंगी।

समर्थकों और भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच झड़प का आरोप

रिपोर्ट के मुताबिक, शुक्रवार रात कालीघाट इलाके में अभिषेक बनर्जी के समर्थकों और स्थानीय भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच कहासुनी हुई, जो बाद में झड़प में बदल गई। इस दौरान पत्थरबाजी की भी सूचना है।

स्थिति नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने दोनों पक्षों को हटाने के लिए लाठीचार्ज किया। तनाव को देखते हुए कोलकाता पुलिस ने अभिषेक बनर्जी के आवास के सामने वाली सड़क पर अगले दो महीने के लिए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दी है।

अभिषेक बनर्जी ने आरोप लगाया कि उनके पार्टी कार्यालय में तोड़फोड़ की गई और भाजपा कार्यकर्ताओं ने कील लगी लाठियों से हमला किया। उन्होंने दावा किया कि इस घटना में TMC के चार से पांच कार्यकर्ताओं को गंभीर चोटें आई हैं।

अभिषेक ने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें धमकी दी गई थी। बताया गया कि पुलिस के हस्तक्षेप के बाद उन्होंने शनिवार सुबह करीब 6:30 बजे धरना समाप्त किया और घर के अंदर गए।

पारंपरिक पूजा की अनुमति रद्द करने का भी आरोप

ममता बनर्जी ने पुलिस पर स्थानीय पारंपरिक पूजा की अनुमति रद्द करने और उनके आवास के सामने सड़क अवरुद्ध करने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि काली पूजा और दिवाली नजदीक हैं, लेकिन लंबे समय से चली आ रही पूजा को लेकर लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

ममता ने आरोप लगाया कि आधी रात को पुलिस बल की मौजूदगी से इलाके में तनाव पैदा हुआ। उन्होंने इसे राजनीतिक बदले की कार्रवाई बताते हुए देश में लोकतंत्र और संवैधानिक व्यवस्था पर भी सवाल उठाए।

भाजपा विधायक सजल घोष ने ममता पर कसा तंज

ममता बनर्जी के सुप्रीम कोर्ट जाने संबंधी बयान पर भाजपा विधायक सजल घोष ने तंज कसा। उन्होंने कपिल सिब्बल और अभिषेक मनु सिंघवी जैसे वरिष्ठ वकीलों का जिक्र करते हुए ममता के बयान पर व्यंग्य किया।

सजल घोष ने यह भी कहा कि ममता बनर्जी सियालदह कोर्ट में भी खड़ी नहीं हो पाएंगी, सुप्रीम कोर्ट की बात तो दूर है।

भाजपा विधायक ने अभिषेक बनर्जी के आवास के बाहर रात में हुई घटना को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने ममता बनर्जी के INDIA गठबंधन संबंधी दावों पर टिप्पणी करते हुए गठबंधन की जनसभाओं में भीड़ जुटाने की क्षमता पर सवाल खड़े किए।

फिलहाल, कालीघाट की घटना को लेकर तृणमूल कांग्रेस और भाजपा के बीच आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं। घटना के संबंध में दोनों पक्षों के दावों और पुलिस की कार्रवाई को लेकर स्थिति स्पष्ट होना बाकी है।

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