हेल्थ डेस्क: आज के समय में हाई ब्लड प्रेशर यानी उच्च रक्तचाप एक आम लेकिन गंभीर स्वास्थ्य समस्या बन गया है। खराब खान-पान, शारीरिक गतिविधियों की कमी, तनाव और अधिक नमक का सेवन इसके जोखिम को बढ़ा सकते हैं। लंबे समय तक ब्लड प्रेशर नियंत्रित न रहने पर दिल, किडनी और दिमाग से जुड़ी गंभीर समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है।
स्वस्थ खान-पान और नियमित शारीरिक गतिविधियां ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखने में मदद कर सकती हैं। कुछ खाद्य पदार्थों में मौजूद पोटैशियम, फाइबर, मैग्नीशियम और अन्य पोषक तत्व हृदय की सेहत के लिए फायदेमंद होते हैं। हालांकि, केवल किसी एक खाद्य पदार्थ को खाने से हाई बीपी ठीक नहीं होता। डॉक्टर की सलाह, नियमित जांच और जरूरत पड़ने पर दवाइयां लेना भी जरूरी है।
हाई ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करने में मददगार हैं ये 18 फूड्स
1. बेरीज
ब्लूबेरी और स्ट्रॉबेरी जैसी बेरीज में एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं। संतुलित आहार का हिस्सा बनाकर इनका सेवन हृदय और रक्त वाहिकाओं की सेहत के लिए फायदेमंद हो सकता है।
2. केला
केले में पोटैशियम होता है, जो शरीर में सोडियम के संतुलन और सामान्य रक्तचाप बनाए रखने में भूमिका निभाता है। हालांकि, किडनी की बीमारी से पीड़ित लोगों को पोटैशियम की मात्रा के बारे में डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।
3. चुकंदर
चुकंदर में प्राकृतिक नाइट्रेट पाए जाते हैं, जो शरीर में नाइट्रिक ऑक्साइड के निर्माण में मदद करते हैं। इससे रक्त वाहिकाओं को आराम मिलने और रक्त प्रवाह बेहतर होने में सहायता मिल सकती है। इसका असर हर व्यक्ति में एक जैसा नहीं होता।
4. डार्क चॉकलेट
डार्क चॉकलेट में फ्लेवोनॉयड्स जैसे यौगिक होते हैं, जो रक्त वाहिकाओं के सामान्य कामकाज में मदद कर सकते हैं। इसमें कैलोरी और चीनी भी हो सकती है, इसलिए इसका सेवन सीमित मात्रा में करना बेहतर है।
5. कीवी
कीवी में विटामिन C, फाइबर और अन्य पोषक तत्व पाए जाते हैं। संतुलित आहार में इसे शामिल करना हृदय की सेहत के लिए अच्छा विकल्प हो सकता है। हालांकि, कीवी खाने से ब्लड प्रेशर निश्चित रूप से कम होगा, ऐसा नहीं कहा जा सकता।
6. तरबूज
तरबूज में पानी की मात्रा अधिक होती है और इसमें सिट्रुलिन नामक अमीनो एसिड भी पाया जाता है। यह शरीर में रक्त वाहिकाओं के सामान्य कार्य में भूमिका निभाता है। तरबूज को साबुत फल के रूप में खाना भी अच्छा विकल्प है।
7. ओट्स
ओट्स में बीटा-ग्लूकेन नाम का घुलनशील फाइबर होता है। यह कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित करने में मदद कर सकता है। सुबह के नाश्ते में बिना अधिक चीनी और नमक वाले ओट्स शामिल करना फायदेमंद हो सकता है।
8. हरी पत्तेदार सब्जियां
पालक और अन्य हरी पत्तेदार सब्जियों में पोटैशियम, फोलेट और कई जरूरी पोषक तत्व पाए जाते हैं। इन्हें नियमित रूप से भोजन में शामिल करने से संतुलित आहार बनाए रखने और हृदय की सेहत को बेहतर रखने में मदद मिल सकती है।
9. लहसुन
लहसुन में एलिसिन सहित कई सक्रिय यौगिक पाए जाते हैं। कुछ अध्ययनों में लहसुन के सेवन से ब्लड प्रेशर में मामूली कमी देखी गई है, लेकिन इसका इस्तेमाल डॉक्टर की निर्धारित दवाइयों के विकल्प के रूप में नहीं करना चाहिए।
10. फर्मेंटेड फूड्स
दही जैसे फर्मेंटेड खाद्य पदार्थों में लाभकारी बैक्टीरिया हो सकते हैं, जो पाचन तंत्र की सेहत के लिए उपयोगी हैं। बिना अधिक नमक और चीनी वाले विकल्प चुनना बेहतर है। हर फर्मेंटेड खाद्य पदार्थ का ब्लड प्रेशर पर एक जैसा असर नहीं होता।
11. दालें और फलियां
मसूर, मूंग, उड़द, राजमा और छोले जैसे खाद्य पदार्थ प्रोटीन, फाइबर और कई खनिजों के अच्छे स्रोत हैं। इन्हें नियमित रूप से खाने से संतुलित आहार बनाए रखने में मदद मिलती है। दालों में नमक सीमित रखें और अधिक नमक वाले तैयार खाद्य पदार्थों से बचें।
12. दही
बिना चीनी वाला दही कैल्शियम और प्रोटीन का अच्छा स्रोत है। कम वसा वाला सादा दही संतुलित आहार का हिस्सा बन सकता है। बाजार में मिलने वाले अधिक नमक या चीनी वाले विकल्पों की जगह सादा दही चुनना बेहतर है।
13. अनार
अनार में एंटीऑक्सीडेंट और अन्य पोषक तत्व पाए जाते हैं। इसे फल के रूप में खाना संतुलित आहार के लिए अच्छा विकल्प है। जूस पीने के बजाय साबुत फल खाने से फाइबर भी मिलता है। अनार को हाई बीपी का इलाज नहीं माना जाना चाहिए।
14. दालचीनी
दालचीनी का इस्तेमाल स्वाद बढ़ाने के लिए किया जा सकता है। इसके ब्लड प्रेशर पर असर को लेकर अभी और प्रमाण की जरूरत है। इसे सीमित मात्रा में भोजन में शामिल करें और अधिक मात्रा में सप्लीमेंट लेने से पहले डॉक्टर से सलाह लें।
15. नट्स
बादाम, अखरोट और पिस्ता जैसे मेवों में मैग्नीशियम, फाइबर और स्वस्थ वसा पाए जाते हैं। बिना नमक वाले मेवे सीमित मात्रा में खाना हृदय के लिए फायदेमंद आहार का हिस्सा हो सकता है।
16. खट्टे फल
संतरा, मौसमी और नींबू जैसे फलों में विटामिन C और अन्य पोषक तत्व पाए जाते हैं। साबुत फल खाने से फाइबर मिलता है। अगर आप नियमित दवाइयां लेते हैं, तो चकोतरा यानी ग्रेपफ्रूट खाने से पहले डॉक्टर या फार्मासिस्ट से पूछें, क्योंकि यह कुछ दवाओं के असर को बदल सकता है।
17. फैटी मछली
सार्डिन, मैकेरल और अन्य तैलीय मछलियों में ओमेगा-3 फैटी एसिड पाया जाता है। संतुलित मात्रा में इनका सेवन हृदय की सेहत के लिए उपयोगी हो सकता है। मछली बनाते समय अधिक नमक और तले हुए तरीके से बचना बेहतर है।
18. टमाटर
टमाटर में लाइकोपीन नामक एंटीऑक्सीडेंट पाया जाता है। इसे सलाद, सब्जी या अन्य व्यंजनों के रूप में खाया जा सकता है। टमाटर से बने पैकेज्ड उत्पाद खरीदते समय उनमें मौजूद सोडियम की मात्रा जरूर देखें।
हाई बीपी में किन चीजों से बचना चाहिए?
ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखने के लिए सिर्फ पौष्टिक खाद्य पदार्थ खाना ही नहीं, बल्कि कुछ आदतों में बदलाव करना भी जरूरी है।
- नमक कम करें: भोजन में अतिरिक्त नमक डालने से बचें। अचार, पापड़, नमकीन और अन्य अधिक नमक वाले खाद्य पदार्थ सीमित मात्रा में खाएं।
- पैकेज्ड फूड कम खाएं: चिप्स, इंस्टेंट नूडल्स और रेडी-टू-ईट खाद्य पदार्थों में सोडियम अधिक हो सकता है। खरीदने से पहले पैकेट पर पोषण संबंधी जानकारी पढ़ें।
- कैफीन का ध्यान रखें: कुछ लोगों में कॉफी और अन्य कैफीनयुक्त पेय पदार्थों से ब्लड प्रेशर थोड़े समय के लिए बढ़ सकता है। अपने शरीर की प्रतिक्रिया पर ध्यान दें।
- शराब और तंबाकू से बचें: शराब का सेवन सीमित रखना और तंबाकू से दूर रहना हृदय की सेहत के लिए महत्वपूर्ण है।
- नियमित शारीरिक गतिविधि करें: अपनी क्षमता के अनुसार नियमित पैदल चलना और व्यायाम करना ब्लड प्रेशर नियंत्रित रखने में मदद कर सकता है।
- तनाव और नींद पर ध्यान दें: पर्याप्त नींद, आराम और तनाव कम करने की स्वस्थ आदतें अपनाएं।
हाई ब्लड प्रेशर के मरीज इन बातों का रखें ध्यान
हाई ब्लड प्रेशर कई बार बिना किसी स्पष्ट लक्षण के भी बना रह सकता है। इसलिए नियमित रूप से बीपी की जांच कराना जरूरी है। यदि डॉक्टर ने दवा दी है, तो उसे अपनी मर्जी से बंद न करें और न ही उसकी खुराक बदलें।
ध्यान दें: केला, चुकंदर, दही या अन्य खाद्य पदार्थ ब्लड प्रेशर नियंत्रित करने में सहायक हो सकते हैं, लेकिन इनसे तुरंत बीपी कम होने या बीमारी ठीक होने की गारंटी नहीं है। किडनी की बीमारी या अन्य स्वास्थ्य समस्याओं से पीड़ित लोगों को अपने आहार में बड़े बदलाव करने से पहले डॉक्टर या योग्य आहार विशेषज्ञ से सलाह लेनी चाहिए।
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