आर्टिचोक (सिनारा कार्डुनकुलस) मेडिटेरेनियन इलाके का एक पौधा है. इसकी पत्तियों, तनों और जड़ों का इस्तेमाल अर्क बनाने के लिए किया जाता है, जिसका इस्तेमाल दवा के तौर पर किया जाता है. भारत में इसे हाथीचक के नाम से भी जाना जाता है. आर्टिचोक एक पौष्टिक सब्जी है जो पाचन में मदद करती है. इसमें मौजूद केमिकल कंपाउंड (जैसे कि साइनारिन और फ्लेवोनॉयड्स) बाइल के प्रोडक्शन को बढ़ाकर जी मिचलाना, उल्टी, पेट में ऐंठन और गैस जैसी समस्याओं से राहत दिलाने में मदद कर सकते हैं. इसमें फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट भरपूर होते हैं, जो आंतों की सेहत और पाचन को बेहतर बनाते हैं. इस सब्जी का इस्तेमाल आमतौर पर खाने के तौर पर भी किया जाता है. इसके अलावा, इसका इस्तेमाल कोलेस्ट्रॉल लेवल कम करने और लिवर को बचाने के लिए भी किया जाता है.
लोग आमतौर पर आर्टिचोक का इस्तेमाल खून में कोलेस्ट्रॉल या दूसरी फैटी चीजों के हाई लेवल को कम करने के लिए करते हैं. इसका इस्तेमाल हाई ब्लड प्रेशर, हेपेटाइटिस C, इरिटेबल बाउल सिंड्रोम (IBS) और कई दूसरी स्थितियों में भी किया जाता है. लेकिन वेबएमडी के अनुसार, इनमें से ज्यादातर इस्तेमाल को सपोर्ट करने के लिए कोई पक्का साइंटिफिक सबूत नहीं है.
साइंस डायरेक्ट के अनुसार, आर्टिचोक में बहुत पावरफुल न्यूट्रिएंट्स होते हैं. बेक्ड और उबले हुए आर्टिचोक के हर कप या 170 ग्राम (g) में 90 ग्राम कैलोरी होती है. वहीं, कार्ब्स 20 ग्राम, फाइबर 10 ग्राम, प्रोटीन 5 ग्राम और फैट 0.6 ग्राम होता है. इसमें फोलेट, कॉपर, मैग्नीशियम, विटामिन C, नियासिन, राइबोफ्लेविन, पोटैशियम, फास्फोरस और विटामिन B6 होता है. आर्टिचोक में फैट कम होता है जबकि फाइबर, विटामिन, मिनरल और एंटीऑक्सीडेंट ज्यादा होते हैं. इसमें फोलेट और विटामिन C भरपूर होता है. यह पावरफुल सब्जी मैग्नीशियम, फास्फोरस और पोटैशियम जैसे जरूरी मिनरल भी देती है.
नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन के अनुसार, आर्टिचोक में कोलेस्ट्रॉल लेवल को बेहतर बनाने की भी क्षमता रखता है. आर्टिचोक लीफ एक्सट्रैक्ट कोलेस्ट्रॉल लेवल पर अच्छा असर डाल सकता है. 700 से ज्यादा लोगों के एक बड़े रिव्यू में पाया गया कि 5-13 हफ्तों तक रोजाना आर्टिचोक लीफ एक्सट्रैक्ट लेने से टोटल और LDL (खराब) कोलेस्ट्रॉल कम हुआ. 14 स्टडीज के एक और रिव्यू से यह नतीजा निकला कि आर्टिचोक सप्लीमेंट लेने से ट्राइग्लिसराइड्स, टोटल कोलेस्ट्रॉल और LDL कोलेस्ट्रॉल का लेवल काफी कम हो सकता है. इसके अलावा, 2012 में जानवरों पर हुई एक स्टडी में आर्टिचोक एक्सट्रैक्ट के रेगुलर इस्तेमाल से LDL कोलेस्ट्रॉल में 30 परसेंट और ट्राइग्लिसराइड्स में 22 परसेंट की कमी देखी गई. कुछ पुरानी रिसर्च के अनुसार, आर्टिचोक एक्सट्रैक्ट खराब और हाई कोलेस्ट्रॉल के लेवल को कम कर सकता है.

हेल्थ बेनिफिट्स ऑफ आर्टिचोक (सिनारा कार्डुनकुलस)
- साइंस डायरेक्ट के अनुसार, आटिचोक का अर्क हाई ब्लड प्रेशर को कम करने में मददगार होता है.
- आटिचोक का अर्क लीवर के हेल्थ के लिए काफी फायदेमंद होता है.
- आटिचोक का अर्क डाइजेशन हेल्थ में सुधार कर सकता है
- चिड़चिड़ा आंत्र सिंड्रोम Irritable bowel syndrome ( IBS ) के लक्षणों को कम कर सकता है.
- नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसीन के अनुसार, ब्लड शुगर लेवल को कम करने में सहायता कर सकता है. एक एनिमल स्टडी में पाया गया कि आर्टिचोक में कुछ कंपाउंड चूहों में ब्लड शुगर लेवल को लो कर सकते हैं और कोलेस्ट्रॉल और ट्राइग्लिसराइड के लेवल में सुधार कर सकते हैं, यह सब इसमें मौजूद इसके एंटीऑक्सीडेंट के प्रभावों के कारण हो सकता है.
हाई कोलेस्ट्रॉल के लक्षण क्या हैं?
हाई कोलेस्ट्रॉल वाले ज्यादातर लोगों में कोई लक्षण नहीं दिखते, यह एक छिपा हुआ रिस्क फैक्टर है, जिसका मतलब है कि आपको यह बिना पता चले हो सकता है. इसलिए ब्लड टेस्ट करवाकर अपने कोलेस्ट्रॉल लेवल की जांच करवाना जरूरी है. अगर आपको फैमिलियल हाइपरकोलेस्ट्रोलेमिया (FH) है, तो आपको हाई कोलेस्ट्रॉल के दिखने वाले लक्षण दिख सकते हैं. जिसमें शामिल है…
- सीने में दर्द (एनजाइना)
- थकान
- सांस लेने में तकलीफ
- सुन्नता या झुनझुनी
- चक्कर आना या बेहोशी
- गंभीर, अक्सर जेनेटिक, हाई कोलेस्ट्रॉल (फैमिलियल हाइपरकोलेस्ट्रोलेमिया) के मामलों में, फिजिकल संकेत दिख सकते हैं, जिसमें शामिल है…
- जैंथोमास: स्किन पर फैटी, पीले रंग की गांठें या उभार, जो आमतौर पर कोहनी, घुटनों या कूल्हों के पास होते हैं
- जैंथेलास्मा: पलकों पर पीले रंग का जमाव
- कॉर्नियल आर्कस: एक हल्के रंग का रिंग (सफेद, ग्रे या पीला) जो कॉर्निया के किनारे के आसपास बनता है


