Friday, May 15, 2026

स्वास्थ्य विभाग में हुई बैठक में मेरिल कंपनी के द्वारा ऑटोमेटिक पैथोलॉजी मशीन लगाने की बात कही है. जिसको विभाग ने स्वीकार कर लिया है.

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रांची: राज्य के स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह के कार्यालय में बुधवार को एक बैठक हुई. इस बैठक में पैथोलॉजी की मशीन बनाने वाली मेरिल कंपनी के द्वारा प्रजेंटेशन दिया दिया. इस बैठक में अपर मुख्य सचिव के साथ अवर सचिव धीरंजन शर्मा, मेरिल कंपनी के पदाधिकारी और C-DAC के प्रतिनिधि उपस्थित रहे.

प्रतिनिधियों ने मशीन के बारे में दी जानकारी

प्रजेंटेशन के दौरान मेरिल कंपनी के प्रतिनिधियों ने राज्य के अस्पतालों में लगे जांच मशीनों के बारे में बताया. प्रतिनिधियों ने बताया कि पूर्व से लगे सेमी ऑटोमेटिक पैथोलॉजिकल मशीनों को बदलकर नई फुली ऑटोमेटिक मशीनें उपलब्ध कराई जाएंगी. टीम ने कहा कि इन मशीनों की विशेषता यह होगी कि एक साथ 50 सैंपलों की जांच की जा सकेगी. कंपनी की ओर से मशीनों पर 10 वर्षों तक मेंटेनेंस सुविधा भी उपलब्ध कराने की बात कही है.

नई मशीनों के माध्यम से यूरिन और ब्लड से संबंधित लगभग सभी पैथोलॉजिकल जांच की जा सकेंगी. मशीन से प्राप्त जांच रिपोर्ट सीधे मरीज के मोबाइल पर व्हाट्सएप के माध्यम से भेजी जा सकेगी. कंपनी द्वारा संबंधित मैनपावर को प्रशिक्षण देने के साथ-साथ सॉफ्टवेयर संचालन और रख रखाव की जिम्मेदारी भी निभाने की बात कही है.

टीम ने दिखाया लाइव डेमो

बैठक के दौरान कंपनी के द्वारा एक लाइव डेमो दिया गया. जिसके माध्यम से बताया गया कि किस प्रकार मशीन काम करती है और कैसे तत्काल रिपोर्ट देती है. बैठक के दौरान अपर मुख्य सचिव ने निर्देश दिया कि प्रथम चरण में इन मशीनों को राज्य के सभी मेडिकल कॉलेजों और जिला अस्पतालों में स्थापित किया जाए.

इसके बाद दूसरे चरण में राज्य के सभी सीएचसी और पीएचसी स्तर तक इसका विस्तार किया जाएगा. अपर मुख्य सचिव ने 15 जून 2026 तक सभी मेडिकल कॉलेजों और जिला अस्पतालों में मशीनों की स्थापना सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया. इसके साथ ही इसी दिन से इन मशीनों का औपचारिक लॉन्च भी किया जाएगा.

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