हजारीबाग: जिले की पहचान अब राष्ट्रीय स्तर पर स्वच्छता को लेकर हो रही है. भारत सरकार शिक्षा मंत्रालय द्वारा संचालित स्वच्छ एवं हरित विद्यालय रेटिंग में हजारीबाग बिहारी गर्ल्स स्कूल को पूरे देशभर में 21वां और झारखंड में दूसरा स्थान प्राप्त हुआ है. इस सफलता पर स्कूल के शिक्षक और छात्राएं दोनों खुश हैं.
स्कूल के विद्यार्थियों और शिक्षकों की खुशी का ठिकाना नहीं
हजारीबाग एक छोटा सा शहर है लेकिन इसकी उपलब्धि अब पूरे देश में देखी जा रही है. स्वच्छ एवं हरित विद्यालय रेटिंग 2025-26 में हजारीबाग के बिहारी गर्ल्स स्कूल को पूरे देशभर में 21वां और झारखंड में दूसरा स्थान प्राप्त हुआ है. इस सफलता से स्कूल के विद्यार्थियों और शिक्षकों की खुशी का ठिकाना नहीं है. वह कह रहे हैं कि यह उपलब्धि किसी एक की नहीं बल्कि पूरे स्कूल की है.
रैंकिंग के लिए कई मानकों पर किया काम: स्कूल प्राचार्य
स्कूल प्राचार्य बताती हैं कि रैंकिंग के लिए शुद्ध पेयजल की व्यवस्था, शौचालय, साबुन से हाथ धोने की सुविधा, जल एवं ऊर्जा संरक्षण, कचरा प्रबंधन और विद्यालय परिसर में हरियाली जैसे मानकों का मूल्यांकन किया जाता है.

केंद्रीय स्तर की टीम स्कूल में करती है निरीक्षण
विद्यालयों को पहले ऑनलाइन पोर्टल पर तस्वीरें और आंकड़े अपलोड करने होते हैं. इसके बाद जिला, राज्य और केंद्रीय स्तर की टीमों द्वारा निरीक्षण किया जाता है. प्राप्त अंकों के आधार पर राष्ट्रीय रैंकिंग तय की जाती है. राष्ट्रीय रैंकिंग में हजारीबाग का बिहार बालिका उच्च विद्यालय 93.30 स्कोर के साथ 21वें स्थान पर रहा.
स्कूलों को 1 लाख रुपये नगद प्रोत्साहन राशि

भारत सरकार शिक्षा मंत्रालय द्वारा संचालित स्वच्छ एवं हरित विद्यालय रेटिंग एक राष्ट्रीय पहल है. जिसका उद्देश्य विद्यालय को स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, जलवायु जागरूकता को लेकर सजग बनाना है और स्कूल को मॉडल रूप में पहचान दिलाना है. इसके तहत भारत के 200 स्कूल चिन्हित किए जाते हैं. उन्हें 1 लाख रुपये नगद प्रोत्साहन राशि के रूप में दी जाती है साथ ही विद्यालय को राष्ट्रीय स्तर की मान्यता प्रदान की जाती है.

कई महीनों से किया जा रहा है काम
विद्यालय की छात्राएं बताती हैं कि राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलने से बेहद खुशी हो रही है. स्कूल को स्वच्छ रखने के लिए पिछले कई महीनों से काम किया जा रहा है. मुख्य रूप से विद्यार्थियों के व्यवहार परिवर्तन पर विद्यालय में जोर दिया जाता है. इसके अलावा शुद्ध पेयजल, शौचालय, जल संचयन, पोषण वाटिका, ऊर्जा की बचत को लेकर विशेष रूप से काम किया गया. इसका ही परिणाम है कि विद्यालय की पहचान राष्ट्रीय स्तर पर हो रही है.
भारत सरकार शिक्षा मंत्रालय द्वारा संचालित स्वच्छ एवं हरित विद्यालय रेटिंग में हजारीबाग बिहारी गर्ल्स स्कूल की पहचान यह बताती है कि छात्राओं में अब व्यवहार परिवर्तन हो रहा है. वे स्वच्छता के प्रति जागरूक हो रही हैं.


