नई दिल्ली: अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोमवार को सोने और चांदी की कीमतों में नरमी दर्ज की गई। अमेरिका में महंगाई के अपेक्षा से अधिक रहने के बाद निवेशकों के बीच ब्याज दरों को लेकर चिंता बढ़ गई है। बाजार में यह आशंका बनी हुई है कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व अपनी आगामी बैठक में मौद्रिक नीति को सख्त रख सकता है। इसका असर सुरक्षित निवेश माने जाने वाले सोने और चांदी पर भी दिखाई दिया।
भारतीय MCX में शाम के सत्र में कारोबार
गणेश चतुर्थी के कारण सोमवार को मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सुबह के सत्र में कारोबार नहीं हुआ। एक्सचेंज पर कीमती धातुओं समेत कमोडिटी कारोबार शाम के सत्र में शुरू होगा।
MCX पर सोमवार को शाम 5 बजे से रात 11:30 बजे तक कारोबार होने की जानकारी दी गई है। इससे घरेलू बाजार में सोने-चांदी के भाव पर अंतरराष्ट्रीय बाजार की गतिविधियों का असर शाम के कारोबार में दिखाई दे सकता है।
दिए गए बाजार आंकड़ों के अनुसार, अक्टूबर डिलीवरी वाले सोने का वायदा भाव 1,52,655 रुपये के आसपास था। वहीं, सितंबर डिलीवरी वाली चांदी का भाव 2,34,886 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर बताया गया।
वैश्विक बाजार में सोना करीब 0.2 प्रतिशत नीचे
अंतरराष्ट्रीय हाजिर बाजार में सोने की कीमत लगभग 0.2 प्रतिशत की दैनिक गिरावट के साथ 4,340 डॉलर प्रति औंस के करीब कारोबार कर रही थी। साप्ताहिक आधार पर सोने में करीब 1.8 प्रतिशत की कमजोरी दर्ज की गई।
चांदी भी दबाव में रही। इसकी कीमत लगभग 0.8 प्रतिशत घटकर 64 डॉलर प्रति औंस के आसपास पहुंच गई। प्लैटिनम और पैलेडियम जैसी अन्य कीमती धातुओं में भी गिरावट का रुख देखा गया।
अमेरिकी महंगाई ने बढ़ाई ब्याज दर की चिंता
अमेरिका में अगस्त के मुख्य उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (Core CPI) में 0.3 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई। इस सूचकांक में खाद्य और ऊर्जा की कीमतों को शामिल नहीं किया जाता है।
महंगाई के इन आंकड़ों के बाद निवेशकों को आशंका है कि फेडरल रिजर्व ब्याज दरों में कटौती के बजाय सख्त रुख अपना सकता है। आमतौर पर ब्याज दरों में बढ़ोतरी या ऊंची दरों की संभावना से सोने जैसे ऐसे निवेश पर दबाव बनता है, जिस पर नियमित ब्याज नहीं मिलता।
कच्चे तेल की तेजी का भी असर
वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव के बीच कच्चे तेल की कीमतों में भी उछाल देखा गया। लाल सागर के समुद्री मार्गों में जहाजों की आवाजाही प्रभावित होने की आशंका, यमन में हूती बलों से जुड़ी घटनाओं और सऊदी अरब की ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन पर ड्रोन हमलों के बाद तेल आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ी है।
रिपोर्ट के अनुसार, WTI क्रूड का भाव 107 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंच गया। होर्मुज जलडमरूमध्य में एक व्यापारिक जहाज पर हमले की खबर ने भी आपूर्ति जोखिम को बढ़ाया है।
बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, महंगाई, ब्याज दरों की दिशा और कच्चे तेल की कीमतें आने वाले दिनों में सोने-चांदी के कारोबार को प्रभावित करने वाले प्रमुख कारक बने रह सकते हैं।
