Friday, June 19, 2026

सेक्स 607 अंक टूटकर 76,802 और निफ्टी 154 अंक गिरकर 24,013 पर बंद हुआ; आईटी शेयरों में बिकवाली के बीच रुपया 7 पैसे सुधरा.

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मुंबई: भारतीय शेयर बाजार में पिछले पांच दिनों से जारी तेजी पर आज विराम लग गया. आईटी (IT) सेक्टर में आई भारी बिकवाली के कारण घरेलू बाजारों में शुक्रवार को तेज गिरावट दर्ज की गई. बीएसई (BSE) सेंसेक्स 607.08 अंक यानी 0.78% की गिरावट के साथ 76,802.90 के स्तर पर बंद हुआ. वहीं, एनएसई (NSE) निफ्टी 154.90 अंक यानी 0.64% फिसलकर 24,013.10 के स्तर पर आ गया। बाजार में इस गिरावट से निवेशकों को बड़ा झटका लगा है.

आईटी शेयरों में मची तबाही
बाजार को नीचे धकेलने में सबसे बड़ी भूमिका आईटी सेक्टर की रही. वैश्विक आईटी दिग्गज एक्सेंचर (Accenture) द्वारा अपने राजस्व वृद्धि के अनुमान (Revenue Guidance) को घटाकर 3-4% करने के बाद भारतीय आईटी कंपनियों के शेयरों में भारी बिकवाली देखी गई. निफ्टी आईटी इंडेक्स में 5.5% से अधिक की बड़ी गिरावट दर्ज की गई. इसके कारण इंफोसिस (Infosys) के शेयर लगभग 8% और टीसीएस (TCS) के शेयर करीब 6% तक टूट गए, जिससे बाजार पर चौतरफा दबाव बन गया

रिलायंस की एजीएम और बैंकिंग क्षेत्र का हाल
आज निवेशकों की नजरें रिलायंस इंडस्ट्रीज (RIL) की 49वीं वार्षिक आम बैठक (AGM) पर भी टिकी थीं. रिलायंस ने जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ (Jio Platforms IPO) के लिए ड्राफ्ट पेपर (DRHP) सेबी के पास दाखिल करने की घोषणा की. इस बड़ी खबर के बावजूद रिलायंस का शेयर हल्की गिरावट के साथ बंद हुआ. दूसरी ओर, बैंकिंग और फाइनेंशियल सर्विसेज सेक्टर ने बाजार को संभालने की कोशिश की. बैंक निफ्टी केवल 0.52% गिरा, जिसने बाजार को और अधिक नीचे जाने से रोक लिया

अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया मजबूत
शेयर बाजार में गिरावट के बीच विदेशी मुद्रा बाजार से भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए राहत भरी खबर आई. दुनिया भर के बाजारों में आए उतार-चढ़ाव के बीच भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 7 पैसे मजबूत होकर 94.33 (अनंतिम) के स्तर पर बंद हुआ. कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और वैश्विक स्तर पर सुधरते व्यापारिक माहौल के कारण रुपये को यह मामूली बढ़त हासिल हुई है.

आगे के लिए विशेषज्ञों की राय
बाजार विश्लेषकों का मानना है कि निफ्टी के लिए 24,000 का स्तर एक बेहद महत्वपूर्ण मनोवैज्ञानिक सपोर्ट है. यदि अगले सप्ताह बाजार इस स्तर से नीचे जाता है, तो बिकवाली का दबाव और बढ़ सकता है. निवेशकों को सलाह दी जा रही है कि वे वैश्विक संकेतों और आईटी कंपनियों के आने वाले तिमाही नतीजों पर करीबी नजर बनाए रखें.

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