Thursday, March 5, 2026

 सेंसेक्स 900 अंक उछलकर 80,000 के पार और निफ्टी 24,765 पर बंद हुआ.

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मुंबई: भारतीय शेयर बाजार ने गुरुवार (5 मार्च, 2026) को जबरदस्त वापसी करते हुए पिछले एक महीने का सबसे बेहतरीन सत्र दर्ज किया. अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव में नरमी के संकेतों ने निवेशकों के भरोसे को फिर से जगा दिया है. दिन के अंत में बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का सेंसेक्स 899.71 अंक (1.14%) की बढ़त के साथ 80,015.90 के स्तर पर बंद हुआ. वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 285.40 अंक (1.17%) चढ़कर 24,765.90 पर रहा.

तनाव कम होने की खबरों से मिली मजबूती
बाजार में इस उछाल के पीछे सबसे बड़ा कारण वे रिपोर्ट रहीं, जिनमें संकेत दिया गया कि ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम को छोड़ने पर विचार कर सकता है, बशर्ते अमेरिका एक संतोषजनक वैकल्पिक प्रस्ताव पेश करे. इस कूटनीतिक प्रगति की संभावना ने वैश्विक स्तर पर ‘रिस्क एपेटाइट’ को बढ़ा दिया. इसके अतिरिक्त, आर्थिक विशेषज्ञों के इस अनुमान ने भी मदद की कि अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच सैन्य संघर्ष केवल 1 से 3 सप्ताह तक ही सीमित रह सकता है.

सेक्टरवार प्रदर्शन और दिग्गज शेयर
बाजार की इस रैली का नेतृत्व मेटल सेक्टर ने किया, जिसमें निफ्टी मेटल इंडेक्स 2.3% की बढ़त के साथ बंद हुआ. दिग्गज शेयरों में अदानी पोर्ट्स (Adani Ports), हिंडाल्को, और लार्सन एंड टुब्रो (L&T) में सबसे ज्यादा खरीदारी देखी गई. व्यापक बाजार ने मुख्य सूचकांकों से भी बेहतर प्रदर्शन किया; निफ्टी मिडकैप 100 में 1.52% और स्मॉलकैप 100 में 1.58% की तेजी दर्ज की गई.

वोलाटिलिटी इंडेक्स (VIX) में भारी गिरावट
बाजार में छाई घबराहट के कम होने का सबसे बड़ा प्रमाण ‘इंडिया विक्स’ (India VIX) में देखा गया. भारत का ‘डर का पैमाना’ करीब 16% गिरकर 18 के स्तर से नीचे आ गया. विशेषज्ञों का मानना है कि अगर उतार-चढ़ाव में इसी तरह की कमी जारी रहती है, तो आने वाले दिनों में बाजार में तेजी का रुख बना रह सकता है.

विशेषज्ञों की राय और आगे की राह
बाजार विशेषज्ञों ने सावधानी बरतने की सलाह देते हुए कहा है कि बाजार अभी पूरी तरह से जोखिम से बाहर नहीं है. एक विश्लेषक के अनुसार, “निफ्टी जब तक 25,200 के स्तर के ऊपर नहीं टिकता, तब तक इसे केवल एक ‘पुलबैक रैली’ (अस्थायी सुधार) ही माना जाना चाहिए.” नीचे की ओर निफ्टी के लिए 24,600 एक तत्काल सपोर्ट स्तर है, जिसके टूटने पर बाजार 24,400 तक जा सकता है. फिलहाल, कूटनीतिक वार्ताओं और वैश्विक घटनाक्रमों पर निवेशकों की पैनी नजर बनी हुई है.

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