मुंबई: आज सोमवार, 18 मई 2026 को भारतीय शेयर बाजार में भारी उथल-पुथल देखी गई. पश्चिमी एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में आए उछाल के कारण घरेलू बाजार बड़ी गिरावट के साथ खुले. शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ही प्रमुख सूचकांकों में 1 प्रतिशत से अधिक की गिरावट दर्ज की गई.
बाजार का हाल: सेंसेक्स और निफ्टी में कोहराम
सप्ताह के पहले कारोबारी दिन बीएसई (BSE) सेंसेक्स लगभग 430 अंक गिरकर 74,807 पर खुला, लेकिन बिकवाली का दबाव इतना अधिक था कि यह जल्द ही 892 अंक (1.18%) फिसलकर 74,345 के निचले स्तर पर आ गया. वहीं, एनएसई (NSE) निफ्टी भी 272 अंक (1.15%) की गिरावट के साथ 23,371 के स्तर पर पहुँच गया. बाजार में घबराहट का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि भारत का वोलैटिलिटी इंडेक्स (India VIX) करीब 6% उछलकर 20 के स्तर पर पहुँच गया.
सेक्टर और स्टॉक्स की स्थिति
बाजार में गिरावट चौतरफा रही. सूचना प्रौद्योगिकी (IT) को छोड़कर बाकी सभी सेक्टर लाल निशान में नजर आए. निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, रियल्टी, ऑटो, मेटल और पीएसयू बैंक जैसे इंडेक्स 1 से 2 फीसदी तक टूट गए. प्रमुख गिरावट वाले शेयरों में टाटा स्टील, मारुति सुजुकी, पावर ग्रिड और एचडीएफसी बैंक शामिल रहे. दूसरी ओर, गिरावट के बीच केवल IT सेक्टर में 0.6% की मामूली बढ़त देखी गई.
गिरावट के मुख्य कारण
पश्चिमी एशिया में तनाव: संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के एक परमाणु ऊर्जा संयंत्र पर ड्रोन हमले और अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ते वाकयुद्ध ने निवेशकों को डरा दिया है. अमेरिकी राष्ट्रपति के कड़े बयानों ने युद्ध की आशंका को और गहरा दिया है.
कच्चे तेल में आग: तनाव के बीच ब्रेंट क्रूड ऑयल 2.37% की तेजी के साथ $111.86 प्रति बैरल पर पहुँच गया है. भारत अपनी तेल जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात करता है, इसलिए तेल की कीमतें बढ़ने का सीधा असर अर्थव्यवस्था और मुद्रास्फीति पर पड़ता है.
कमजोर वैश्विक संकेत: एशियाई बाजारों में जापान का निक्केई और हांगकांग का हैंग सेंग भी गिरावट के साथ कारोबार कर रहे थे, जिससे घरेलू निवेशकों का मनोबल कमजोर हुआ.
बाजार विश्लेषकों के अनुसार, जब तक कच्चे तेल की कीमतें उच्च स्तर पर रहेंगी और युद्ध जैसी स्थिति बनी रहेगी, बाजार में अस्थिरता जारी रहेगी. तकनीकी रूप से निफ्टी के लिए 23,400-23,500 का स्तर एक महत्वपूर्ण सपोर्ट है, जबकि 23,900-24,000 के स्तर पर बड़ी रेजिस्टेंस देखी जा रही है. निवेशकों को फिलहाल सतर्क रहने और केवल मजबूत बुनियादी ढांचे वाले शेयरों पर ध्यान देने की सलाह दी गई है


