Monday, October 12, 2026

सुनील भारती मित्तल को मिलेगा फ्रांस का सर्वोच्च नागरिक सम्मान, राष्ट्रपति मैक्रों करेंगे सम्मानित.

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नई दिल्ली, 12 अक्टूबर 2026: भारतीय उद्योग जगत के प्रमुख कारोबारी और भारती एंटरप्राइजेज के संस्थापक एवं चेयरमैन सुनील भारती मित्तल को फ्रांस के प्रतिष्ठित नागरिक सम्मान ‘नाइट ऑफ द नेशनल ऑर्डर ऑफ द लीजन ऑफ ऑनर’ से सम्मानित किया जाएगा। रिपोर्ट के मुताबिक, फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने इस सम्मान की घोषणा की है। सम्मान समारोह 28 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली स्थित फ्रांसीसी दूतावास में आयोजित किए जाने की जानकारी दी गई है।

यह सम्मान भारत और फ्रांस के बीच व्यापारिक संबंधों को मजबूत करने तथा दूरसंचार और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में मित्तल के योगदान को मान्यता देने के लिए दिया जा रहा है।

भारत-फ्रांस के कारोबारी रिश्तों को मजबूत करने में योगदान

भारती एंटरप्राइजेज की ओर से जारी बयान के मुताबिक, सुनील भारती मित्तल ने भारत और फ्रांस के बीच आर्थिक एवं कारोबारी सहयोग को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। दूरसंचार और डिजिटल कनेक्टिविटी के क्षेत्र में उनके कार्यों को भी इस सम्मान का प्रमुख आधार बताया गया है।

भारत और फ्रांस के बीच लंबे समय से व्यापार, तकनीक, रक्षा और अंतरिक्ष जैसे क्षेत्रों में सहयोग रहा है। ऐसे में किसी भारतीय उद्योगपति को फ्रांस का प्रतिष्ठित नागरिक सम्मान मिलना दोनों देशों के कारोबारी संबंधों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

क्या है फ्रांस का ‘लीजन ऑफ ऑनर’ सम्मान?

लीजन ऑफ ऑनर (Legion of Honour) फ्रांस का सर्वोच्च राष्ट्रीय सम्मान है। इसकी स्थापना वर्ष 1802 में नेपोलियन बोनापार्ट ने की थी। यह सम्मान सैन्य और नागरिक क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाले व्यक्तियों को प्रदान किया जाता है।

इस सम्मान के विभिन्न स्तर हैं। रिपोर्ट में सुनील भारती मित्तल को ‘नाइट ऑफ द नेशनल ऑर्डर ऑफ द लीजन ऑफ ऑनर’ श्रेणी में सम्मानित किए जाने की बात कही गई है।

तीन दशक से भी पुराना है फ्रांस से जुड़ाव

रिपोर्ट के अनुसार, सुनील भारती मित्तल का फ्रांस के साथ कारोबारी संबंध तीन दशक से अधिक पुराना है। भारत में फ्रांस के राजदूत थियरी माथू ने उन्हें बधाई देते हुए दोनों पक्षों के लंबे संबंधों का उल्लेख किया।

बताया गया है कि वर्ष 1992 में मोबाइल सेवाओं के शुरुआती दौर में मित्तल ने फ्रांसीसी कंपनी ‘जनरल दे जो’ के साथ सहयोग किया था। इसी दौर में भारत और फ्रांस के बीच दूरसंचार क्षेत्र में कारोबारी संपर्क विकसित हुए।

आज भारत और फ्रांस डिजिटल तकनीक तथा अंतरिक्ष जैसे क्षेत्रों में भी सहयोग बढ़ा रहे हैं। रिपोर्ट में मित्तल की यूरोपीय उपग्रह कंपनी यूटेलसैट से जुड़ी भूमिका को भी इस साझेदारी के संदर्भ में महत्वपूर्ण बताया गया है।

राष्ट्रपति मैक्रों के प्रति सुनील मित्तल ने जताया आभार

सम्मान की घोषणा के बाद सुनील भारती मित्तल ने फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों और फ्रांस की जनता के प्रति आभार व्यक्त किया। रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने फ्रांस के साथ अपने पुराने संबंधों का उल्लेख करते हुए दोनों देशों के आर्थिक और व्यापारिक रिश्तों को और मजबूत बनाने की प्रतिबद्धता जताई।

उनका कहना है कि भारत और फ्रांस के बीच सहयोग को आगे बढ़ाना उनके लिए महत्वपूर्ण है। यह सम्मान उनके कारोबारी सफर के साथ-साथ दोनों देशों के बीच आर्थिक साझेदारी को मजबूत करने के प्रयासों की पहचान के रूप में देखा जा रहा है।

पहले भी मिल चुके हैं बड़े राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय सम्मान

सुनील भारती मित्तल को इससे पहले भी कई प्रतिष्ठित सम्मान मिल चुके हैं। भारत सरकार ने उन्हें वर्ष 2007 में पद्म भूषण से सम्मानित किया था।

रिपोर्ट में यह भी उल्लेख है कि वर्ष 2024 में ब्रिटेन के राजा चार्ल्स तृतीय ने उन्हें मानद नाइट कमांडर ऑफ द ऑर्डर ऑफ द ब्रिटिश एम्पायर (KBE) की उपाधि प्रदान की थी।

फ्रांस के लीजन ऑफ ऑनर से सम्मानित किए जाने की घोषणा उनके अंतरराष्ट्रीय कारोबारी योगदान को मिली एक और महत्वपूर्ण पहचान के रूप में देखी जा रही है।

भारतीय उद्योग जगत के लिए क्यों अहम है यह सम्मान?

सुनील भारती मित्तल को मिलने वाला यह सम्मान भारत की वैश्विक कारोबारी उपस्थिति और भारत-फ्रांस आर्थिक साझेदारी के संदर्भ में महत्वपूर्ण है। दूरसंचार, डिजिटल नेटवर्क और अंतरराष्ट्रीय तकनीकी सहयोग जैसे क्षेत्रों में भारतीय कंपनियों की भूमिका लगातार चर्चा में रहती है।

हालांकि, सम्मान समारोह 28 अक्टूबर 2026 को प्रस्तावित बताया गया है। कार्यक्रम की तारीख और सम्मान से संबंधित अंतिम विवरण की पुष्टि आधिकारिक घोषणा से की जानी चाहिए।

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