मुंबई: भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार, 1 अक्टूबर को लगातार चौथे कारोबारी सत्र में गिरावट दर्ज की गई। कारोबार के अंत में बीएसई सेंसेक्स 570.59 अंक यानी 0.79 प्रतिशत फिसलकर 71,909.70 पर बंद हुआ। एनएसई निफ्टी भी 198.50 अंक यानी 0.88 प्रतिशत की गिरावट के साथ 22,421.95 पर आ गया।
ऑटो शेयरों में सबसे ज्यादा बिकवाली
गुरुवार के कारोबार में ऑटो सेक्टर पर खास दबाव देखने को मिला। निफ्टी ऑटो इंडेक्स करीब 3.46 प्रतिशत टूट गया। सितंबर की बिक्री के आंकड़ों को लेकर कई कंपनियों के शेयरों में बिकवाली हुई।
बजाज ऑटो करीब 7.62 प्रतिशत गिरकर निफ्टी का सबसे बड़ा नुकसान उठाने वाला शेयर रहा। मारुति सुजुकी और महिंद्रा एंड महिंद्रा के शेयर भी दबाव में रहे। सितंबर की बिक्री के अनुमान से जुड़े आंकड़ों के बाद ऑटो शेयरों में बिकवाली तेज हुई।
मेटल, मीडिया और एफएमसीजी में भी कमजोरी
ऑटो के अलावा मेटल, मीडिया, एफएमसीजी, रियल्टी और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स जैसे सेक्टर भी गिरावट के साथ बंद हुए। निफ्टी मेटल समेत कई सेक्टोरल इंडेक्स में 2 से 3 प्रतिशत तक की कमजोरी रही। व्यापक बाजार में भी दबाव दिखाई दिया और मिडकैप तथा स्मॉलकैप इंडेक्स करीब 1 प्रतिशत नीचे रहे।
विदेशी निवेशकों की बिकवाली से दबाव
बाजार की धारणा पर विदेशी संस्थागत निवेशकों की लगातार बिकवाली का भी असर पड़ा। 30 सितंबर को एफआईआई ने भारतीय शेयरों में करीब 10,148 करोड़ रुपये की शुद्ध बिकवाली की थी। इसके विपरीत घरेलू संस्थागत निवेशकों ने करीब 11,271 करोड़ रुपये की खरीदारी की।
इसके साथ अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में मजबूती, रुपये में कमजोरी और कच्चे तेल की कीमतों को लेकर चिंता ने भी निवेशकों की धारणा प्रभावित की।
IT शेयरों ने संभाला बाजार
बिकवाली के बीच आईटी शेयरों में खरीदारी ने बाजार की गिरावट को कुछ हद तक सीमित किया। निफ्टी आईटी इंडेक्स करीब 2.17 प्रतिशत चढ़ा। इंफोसिस और टीसीएस जैसे प्रमुख आईटी शेयरों में मजबूती रही। इंफोसिस करीब 4.11 प्रतिशत की बढ़त के साथ निफ्टी का प्रमुख गेनर रहा।
निफ्टी का अगला अहम स्तर
कारोबार के दौरान निफ्टी एक समय 22,217.30 के निचले स्तर तक चला गया, हालांकि बाद में आईटी शेयरों में खरीदारी से कुछ रिकवरी हुई और इंडेक्स 22,421.95 पर बंद हुआ। बाजार विश्लेषण में 22,200-22,000 के क्षेत्र को अगला महत्वपूर्ण सपोर्ट जोन बताया गया है, जबकि 22,500-22,600 के आसपास तत्काल बाधा मानी जा रही है। ये तकनीकी स्तर बाजार विश्लेषकों के आकलन हैं, निश्चित भविष्यवाणी नहीं।
BHARATSUPRFASTNEWS
