मुंबई: भारतीय शेयर बाजार ने मंगलवार को कारोबारी सप्ताह के दूसरे दिन सकारात्मक रुख के साथ शुरुआत की। वैश्विक बाजारों से मिले बेहतर संकेतों और घरेलू संस्थागत निवेशकों की खरीदारी के बीच शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स और निफ्टी दोनों बढ़त के साथ खुले। बैंकिंग और मेटल कंपनियों के शेयरों में खासा उत्साह देखने को मिला।
सेंसेक्स 125 अंक से ज्यादा चढ़ा
कारोबार की शुरुआत में बीएसई सेंसेक्स 125.58 अंक यानी 0.17 फीसदी की मजबूती के साथ 72,508.05 के स्तर पर पहुंच गया। इसी तरह एनएसई निफ्टी 50 ने भी 47.50 अंक यानी 0.21 फीसदी की बढ़त दर्ज की और 22,603.25 पर खुला।
हाल के सत्रों में बाजार में रही अस्थिरता के बीच शुरुआती तेजी ने निवेशकों को कुछ राहत दी है।
प्राइवेट बैंक और मेटल शेयरों में खरीदारी
शुरुआती कारोबार में प्राइवेट बैंकिंग शेयर बाजार की तेजी का प्रमुख आधार बने। निफ्टी प्राइवेट बैंक इंडेक्स में करीब 0.75 फीसदी तक की मजबूती दर्ज की गई।
प्रमुख शेयरों में कोटक महिंद्रा बैंक करीब 2.93 फीसदी ऊपर रहा। इसके अलावा एक्सिस बैंक और रिलायंस इंडस्ट्रीज में भी खरीदारी का रुझान नजर आया।
बैंकिंग के साथ-साथ मेटल, एनर्जी, सीमेंट और केमिकल कंपनियों के शेयरों में भी मजबूती रही। दूसरी तरफ ऑटो, हेल्थकेयर और फार्मा सेक्टर पर दबाव दिखाई दिया। निफ्टी ऑटो इंडेक्स शुरुआती कारोबार में लगभग 0.4 फीसदी नीचे रहा।
FII की बिकवाली के बावजूद DII का सहारा
बाजार की दिशा तय करने में विदेशी और घरेलू निवेशकों की गतिविधियां भी महत्वपूर्ण बनी हुई हैं। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, पिछले कारोबारी सत्र में विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने भारतीय शेयर बाजार में करीब 4,699 करोड़ रुपये की बिकवाली की।
इसके विपरीत घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने लगभग 5,181 करोड़ रुपये की खरीदारी की। घरेलू निवेशकों की यह सक्रियता बाजार को संभालने में मदद कर रही है।
वैश्विक बाजारों से भी मिला सकारात्मक संकेत
अमेरिकी शेयर बाजार में हालिया मजबूती का असर एशियाई बाजारों के रुख पर भी दिखाई दे रहा है। इसी सकारात्मक वैश्विक माहौल का असर भारतीय बाजार की शुरुआती चाल में भी नजर आया।
हालांकि, बाजार के सामने कुछ जोखिम अब भी बने हुए हैं। कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में संभावित उछाल निवेशकों के लिए चिंता का विषय हैं।
22,555-22,615 का स्तर अहम
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार निफ्टी के लिए 22,555 से 22,615 का क्षेत्र महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यदि इंडेक्स इस दायरे के ऊपर अपनी स्थिति मजबूत बनाए रखता है, तो आगे 22,800 और फिर 23,200 के स्तर की ओर बढ़ने की संभावना बन सकती है।
फिलहाल बाजार की चाल पर वैश्विक संकेतों, विदेशी निवेशकों की गतिविधियों और कच्चे तेल की कीमतों का असर महत्वपूर्ण रहेगा। ऐसे माहौल में निवेशकों को तेजी के बीच भी जोखिम को ध्यान में रखकर फैसले लेने की सलाह दी जा रही है।
