मुंबई: भारतीय शेयर बाजार ने शुक्रवार, 23 अक्टूबर 2026 को मजबूती के साथ कारोबार की शुरुआत की। आईटी सेक्टर के शेयरों में जोरदार खरीदारी से घरेलू बाजार को सहारा मिला। शुरुआती कारोबार में बीएसई सेंसेक्स 400 अंकों से अधिक की बढ़त के साथ 73,665.64 के स्तर पर खुला। वहीं, एनएसई निफ्टी भी बढ़त के साथ 22,742.20 के स्तर पर पहुंचा।
वैश्विक बाजारों से कमजोर संकेत मिलने के बावजूद घरेलू निवेशकों की खरीदारी ने बाजार को मजबूती दी। हालांकि, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें और कुछ सेक्टरों में बिकवाली बाजार के लिए चिंता का विषय बनी हुई हैं।
आईटी शेयरों में जोरदार खरीदारी
शुक्रवार को बाजार की शुरुआती तेजी में आईटी सेक्टर की अहम भूमिका रही। शुरुआती कारोबार में निफ्टी आईटी इंडेक्स में करीब 3 प्रतिशत तक की बढ़त दर्ज की गई। इसके अलावा टेलीकॉम और फार्मा सेक्टर के शेयरों में भी खरीदारी देखने को मिली।
दूसरी ओर, मेटल और रियल्टी सेक्टर के शेयर दबाव में रहे। इन क्षेत्रों में करीब 1 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज किए जाने की जानकारी सामने आई।
सेक्टरों में अलग-अलग रुझान से संकेत मिला कि बाजार में खरीदारी सभी क्षेत्रों में समान रूप से नहीं हो रही थी।
114 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंचा ब्रेंट क्रूड
अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड की कीमत बढ़कर करीब 114 डॉलर प्रति बैरल पहुंचने से भारतीय अर्थव्यवस्था को लेकर चिंताएं बढ़ सकती हैं। भारत अपनी तेल जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात करता है। ऐसे में कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी से आयात बिल, परिवहन लागत और महंगाई पर दबाव पड़ सकता है।
तेल की कीमतों में लगातार तेजी रहने पर कंपनियों की लागत और आम उपभोक्ताओं के खर्च पर भी असर पड़ने की आशंका रहती है।
रुपये और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड पर भी नजर
खबर में दी गई जानकारी के अनुसार, अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया मजबूत होकर 94.70 के स्तर पर पहुंचा। वहीं, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड घटकर 4.96 प्रतिशत पर आने की बात कही गई।
मुद्रा विनिमय दर और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में होने वाले बदलाव विदेशी निवेशकों के फैसलों को प्रभावित कर सकते हैं। हालांकि, विदेशी निवेश का रुख केवल इन्हीं कारकों पर निर्भर नहीं करता; वैश्विक आर्थिक परिस्थितियां और कंपनियों के प्रदर्शन सहित कई अन्य पहलू भी महत्वपूर्ण होते हैं।
जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ से बाजार को मिल सकती है नकदी
बाजार में अगले सप्ताह की संभावित गतिविधियों को लेकर जियो प्लेटफॉर्म्स के प्रस्तावित आईपीओ का भी जिक्र किया गया है। खबर के अनुसार, आईपीओ में निवेशकों की ओर से करीब 3.73 लाख करोड़ रुपये की बोलियां या आवेदन राशि आने की बात कही गई है। जिन निवेशकों को शेयर आवंटित नहीं होंगे, उनकी राशि वापस आने से बैंकिंग प्रणाली में नकदी की उपलब्धता प्रभावित हो सकती है।
हालांकि, यह जरूरी नहीं है कि वापस आने वाली पूरी रकम शेयर बाजार में ही निवेश की जाए। इसलिए इसे बाजार में तेजी की निश्चित वजह मानने के बजाय संभावित कारक के रूप में देखना चाहिए।
विदेशी निवेशकों ने की बिकवाली, घरेलू संस्थानों का मिला सहारा
खबर में दिए गए आंकड़ों के मुताबिक, पिछले कारोबारी दिन विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने 3,459 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। दूसरी ओर, घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने 2,891 करोड़ रुपये की खरीदारी की।
विदेशी निवेशकों की बिकवाली के बीच घरेलू संस्थागत निवेशकों की खरीदारी ने बाजार को कुछ समर्थन दिया। आगे बाजार की दिशा तय करने में आईटी कंपनियों के नतीजे, कच्चे तेल की कीमतें, रुपये की चाल और विदेशी निवेशकों की गतिविधियां महत्वपूर्ण रहेंगी।
निवेशकों के लिए जरूरी बात: बाजार में शुरुआती तेजी पूरे दिन की मजबूती की गारंटी नहीं होती। निवेश संबंधी निर्णय लेने से पहले कंपनी के मूलभूत पहलुओं, जोखिम और अपने वित्तीय लक्ष्यों का आकलन करना चाहिए।
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