मुंबई, 14 अक्टूबर 2026: भारतीय शेयर बाजार में बुधवार को कारोबार की शुरुआत लगभग सपाट रही। शुरुआती सत्र में सेंसेक्स मामूली बढ़त के साथ खुला, जबकि निफ्टी में हल्की गिरावट दर्ज की गई। आईटी शेयरों में खरीदारी से बाजार को सहारा मिला, हालांकि वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और आर्थिक अनिश्चितताओं ने निवेशकों को सतर्क बनाए रखा।
बाजार खुलने पर बीएसई सेंसेक्स 15.98 अंक की बढ़त के साथ 73,049.76 पर पहुंचा। वहीं, एनएसई निफ्टी-50 करीब 6.20 अंक गिरकर 22,715.75 पर खुला।
आईटी शेयरों में तेजी, अन्य सेक्टरों में मिला-जुला रुख
शुरुआती कारोबार में आईटी सेक्टर के शेयरों में सबसे अधिक मजबूती देखने को मिली। निफ्टी आईटी इंडेक्स एक प्रतिशत से ज्यादा की बढ़त के साथ कारोबार करता नजर आया। एफएमसीजी और मीडिया सेक्टर के शेयरों में भी तेजी रही।
इसके विपरीत, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और हेल्थकेयर सेक्टर पर दबाव दिखाई दिया। इन क्षेत्रों में 0.6 प्रतिशत से अधिक की गिरावट दर्ज की गई। बाजार की चाल से संकेत मिला कि निवेशक अलग-अलग सेक्टरों में चुनिंदा खरीदारी कर रहे हैं।
टैक्स की समीक्षा के संकेत से निवेशकों को उम्मीद
बाजार की नजर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के उस बयान पर भी है, जिसमें उन्होंने लॉन्ग-टर्म कैपिटल गेन्स (LTCG) टैक्स और सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स (STT) को लेकर मिले सुझावों की समीक्षा करने के संकेत दिए हैं।
इस बयान से निवेशकों के बीच संभावित बदलावों को लेकर उम्मीद बनी है। हालांकि, टैक्स नियमों में किसी बदलाव का वास्तविक असर तभी स्पष्ट होगा, जब सरकार की ओर से औपचारिक घोषणा की जाएगी।
रुपये की मजबूती से मिला सहारा
विदेशी मुद्रा बाजार में रुपये की मजबूती को भी शेयर बाजार के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है। भारतीय रिजर्व बैंक की ओर से विदेशी मुद्रा बाजार में सट्टा गतिविधियों और उतार-चढ़ाव को नियंत्रित करने के लिए उठाए गए कदमों के बाद रुपये में सुधार देखने को मिला है।
हालांकि, मुद्रा बाजार में आगे की चाल वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों, डॉलर की मजबूती और कच्चे तेल की कीमतों पर निर्भर करेगी।
कच्चे तेल और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड पर नजर
घरेलू बाजार के सामने वैश्विक चुनौतियां भी बनी हुई हैं। अमेरिका में 10 वर्षीय ट्रेजरी बॉन्ड यील्ड करीब 5.2 प्रतिशत के स्तर पर रहने और मध्य पूर्व में तनाव के कारण ब्रेंट क्रूड की कीमत 106 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंचने से निवेशकों की चिंता बढ़ी है।
कच्चे तेल की ऊंची कीमतें भारत के लिए महत्वपूर्ण हैं, क्योंकि देश अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात करता है। इससे महंगाई, आयात बिल और रुपये पर दबाव पड़ सकता है।
निफ्टी के लिए अहम स्तर
बाजार विशेषज्ञों के तकनीकी आकलन के अनुसार, निफ्टी के लिए 22,550 का स्तर अहम सपोर्ट माना जा रहा है। वहीं, 22,787 से 22,880 के दायरे को पार करना बाजार की आगे की दिशा के लिहाज से महत्वपूर्ण हो सकता है।
कुछ विश्लेषकों को निफ्टी में 23,200 के स्तर की ओर बढ़ने की संभावना दिखाई दे रही है, लेकिन यह बाजार की चाल और अन्य परिस्थितियों पर निर्भर करेगा। आने वाले दिनों में बैंकिंग, टेलीकॉम, मेटल और ऑटोमोबाइल कंपनियों के तिमाही नतीजे भी निवेशकों की दिशा तय करने में भूमिका निभा सकते हैं।
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