हजारीबाग: शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल प्रबंधन का हाल बुरा है. शौचालय बनाने को लेकर पूरे देश भर में पहल की जा रही है, लेकिन कुछ जगहों पर शौचालय की सुविधा होने के बावजूद यहां की हालत बेकार है. हम बात कर रहे हैं शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज के शौचालय की.
शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल, राज्य के सबसे बड़े मेडिकल कॉलेजों में से एक माना जाता है. यहां के शौचालय की स्थिति इतनी लचर है कि लोग जाने से घबराते हैं. क्योंकि शौचालय में दरवाजा तक ही नहीं है. किसी शौचालय में दरवाजा तो है लेकिन वह उपयोग के लायक नहीं है. ऐसे में मरीजों और उनके परिजनों को शौचालय जाने के पहले सोचना पड़ता है कि आखिर खुले में कैसे शौच करें. यहां के शौचालय का टूटा फूटा दरवाजा मरीजों के इज्जत के साथ खिलवाड़ कर रहा है.
मरीज कहते हैं कि शौचालय जाने से पहले 10 बार सोचना पड़ता है. शौचालय के बाहर किसी परिजन को खड़ा करना पड़ता है या फिर दरवाजे में चादर लगाना पड़ता है.

परिजन कहते हैं कि देशभर में शौचालय बनाने को लेकर मुहिम चल रहा है. हर एक घर में शौचालय सरकार ने बनवाया है. मरीज और उनके परिजनों ने प्रबंधन से मांग की है कि शौचालय का दरवाजा जल्द से जल्द दुरुस्त किया जाए ताकि लोग इस्तेमाल कर सकें.

शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल हजारीबाग के डीएस डॉ. राजकिशोर के पास भी इस सवाल का जवाब नहीं है कि आखिर शौचालय का दरवाजा क्यों टूटा हुआ है और अब तक दुरुस्त क्यों नहीं किया गया है. वह भी स्वीकार करते हैं कि महिला और पुरुष दोनों वार्ड की स्थिति कमो वेश यही है. आने वाले दिनों में दरवाजा बने इसे लेकर कदम उठाया जाएगा. शौचालय में दरवाजा का नहीं होना या टूटा होना यह असंवेदनशीलता को दर्शाता है. जरूरत है अस्पताल प्रबंधन संज्ञान ले और दरवाजा दुरुस्त किया जाए.


