नई दिल्ली: अंतरराष्ट्रीय बाजारों में जारी अनिश्चितता और बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव का असर भारतीय कमोडिटी बाजार पर भी दिखाई दे रहा है। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोना और चांदी दोनों दबाव में कारोबार कर रहे हैं। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि यदि मौजूदा कमजोरी बनी रहती है, तो आने वाले दिनों में दोनों की कीमतों में और गिरावट दर्ज की जा सकती है।
सोने के लिए अहम स्तर
विश्लेषकों के अनुसार, हालिया कारोबारी सत्र में सोना गिरावट के साथ बंद हुआ, लेकिन ₹1,40,000 प्रति 10 ग्राम का महत्वपूर्ण स्तर बनाए रखने में सफल रहा। यदि यह स्तर टूटता है, तो बिकवाली तेज हो सकती है और कीमत ₹1,39,300 से ₹1,38,700 प्रति 10 ग्राम के दायरे तक पहुंच सकती है।
वहीं, यदि बाजार में मजबूती लौटती है तो सोने के लिए ₹1,40,700 से ₹1,41,000 का स्तर शुरुआती प्रतिरोध माना जा रहा है। इसके ऊपर टिकने पर कीमत ₹1,42,000 से ₹1,42,700 तक बढ़ने की संभावना बन सकती है।
चांदी में भी बना हुआ है दबाव
एमसीएक्स पर चांदी की चाल भी फिलहाल कमजोर बनी हुई है। जानकारों के मुताबिक, ₹2,17,000 से ₹2,18,000 प्रति किलोग्राम का स्तर प्रमुख प्रतिरोध है, जबकि इसके ऊपर ₹2,20,000 से ₹2,21,000 का दायरा अगली चुनौती हो सकता है।
दूसरी ओर, ₹2,15,000 से ₹2,14,000 प्रति किलोग्राम के बीच मजबूत सपोर्ट देखा जा रहा है। यदि यह स्तर भी टूटता है, तो चांदी की कीमत ₹2,11,000 से ₹2,10,000 प्रति किलोग्राम तक फिसल सकती है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार पर भी नजर
विदेशी कमोडिटी बाजार (COMEX) में भी सोना महत्वपूर्ण स्तरों पर कारोबार कर रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि 4,000 डॉलर का स्तर टूटता है, तो कीमत 3,920 डॉलर तक जा सकती है। वहीं, कॉमैक्स चांदी 55 डॉलर के आसपास टिकने का प्रयास कर रही है और कमजोरी बढ़ने पर यह 53 डॉलर तक आ सकती है।
किन वजहों से बढ़ा दबाव?
बाजार की मौजूदा स्थिति पर कई वैश्विक कारकों का प्रभाव पड़ रहा है, जिनमें प्रमुख हैं:
- मध्य पूर्व में जारी भू-राजनीतिक तनाव।
- कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव।
- अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों को लेकर सख्त नीति।
निवेशकों के लिए सलाह
विशेषज्ञों का कहना है कि बाजार में फिलहाल अस्थिरता और दबाव बना हुआ है। ऐसे माहौल में निवेशकों को जल्दबाजी में बड़े निवेश से बचना चाहिए और किसी भी निर्णय से पहले बाजार की दिशा तथा जोखिम का सावधानीपूर्वक आकलन करना चाहिए।


