Sunday, October 25, 2026

विकास गोप को World Aquatics Scholarship, कलात्मक तैराकी को मिलेगा बढ़ावा.

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रांची। झारखंड के खेल जगत के लिए गौरव की खबर है। रांची के विकास कुमार गोप का अंतरराष्ट्रीय आर्टिस्टिक स्विमिंग कोच प्रमाणन पाठ्यक्रम के लिए चयन हुआ है। उन्हें इस प्रशिक्षण में भाग लेने के लिए वर्ल्ड एक्वेटिक्स की ओर से छात्रवृत्ति भी प्रदान की गई है। यह पाठ्यक्रम 26 से 30 अक्टूबर 2026 तक मलेशिया की राजधानी कुआलालंपुर में आयोजित होगा।

इस उपलब्धि से विकास को कलात्मक तैराकी की कोचिंग से जुड़ी अंतरराष्ट्रीय तकनीकों और प्रशिक्षण पद्धतियों को सीखने का अवसर मिलेगा। उम्मीद है कि इस प्रशिक्षण से भारत में आर्टिस्टिक स्विमिंग को आगे बढ़ाने के प्रयासों को भी मजबूती मिलेगी।

अंतरराष्ट्रीय कोचिंग पाठ्यक्रम के लिए हुआ चयन

विकास गोप के अनुसार, वह इस पाठ्यक्रम के लिए चुने जाने वाले भारत के पहले व्यक्ति हैं। वर्ल्ड एक्वेटिक्स की ओर से भेजे गए ई-मेल के मुताबिक, उनका चयन AQUA-MAS International Artistic Swimming Coaches’ Certification Course – Age Group Coach के लिए हुआ है।

इस कार्यक्रम में ऑनलाइन अध्ययन के साथ प्रत्यक्ष प्रशिक्षण भी शामिल है। प्रतिभागियों के लिए 25 अक्टूबर को कुआलालंपुर पहुंचने और 31 अक्टूबर को वापस लौटने का कार्यक्रम बताया गया है।

छात्रवृत्ति के अंतर्गत ऑनलाइन अध्ययन मंच, पाठ्यक्रम सामग्री और आमने-सामने प्रशिक्षण सत्रों में भाग लेने की सुविधा शामिल है।

जिम्नास्टिक और योग में भी हासिल कर चुके हैं उपलब्धियां

विकास गोप का खेलों से पुराना जुड़ाव रहा है। खबर के मुताबिक, वह जिम्नास्टिक और योग में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्वर्ण पदक जीत चुके हैं। वर्तमान में वह झारखंड खेल प्रोत्साहन सोसाइटी (JSSPS) में जिम्नास्टिक कोच के रूप में कार्यरत हैं।

अपने खेल अनुभव का उपयोग करते हुए विकास अब कलात्मक तैराकी की कोचिंग में भी विशेषज्ञता हासिल करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। रिपोर्ट के अनुसार, पिछले तीन वर्षों से वह भारतीय राष्ट्रीय टीम के लिए स्विमिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया के समक्ष प्रदर्शन भी दे रहे हैं।

क्या है आर्टिस्टिक स्विमिंग?

आर्टिस्टिक स्विमिंग को पहले सिंक्रोनाइज्ड स्विमिंग के नाम से भी जाना जाता था। इस खेल में खिलाड़ी संगीत की लय के अनुरूप पानी में विभिन्न गतिविधियां और संयोजित प्रदर्शन करते हैं।

इसमें शारीरिक संतुलन, तकनीकी दक्षता, लय, कलात्मक अभिव्यक्ति और टीम के सदस्यों के बीच बेहतर तालमेल महत्वपूर्ण होता है। खिलाड़ियों को उच्च स्तर तक पहुंचाने के लिए प्रशिक्षित कोच की भूमिका भी अहम होती है।

विकास गोप का अंतरराष्ट्रीय कोचिंग पाठ्यक्रम में चयन झारखंड में इस खेल के प्रशिक्षण और विस्तार के लिए उपयोगी साबित हो सकता है। अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप प्रशिक्षण का ज्ञान मिलने से भविष्य में युवा खिलाड़ियों को बेहतर मार्गदर्शन देने के अवसर बढ़ सकते हैं।

भारतीय खिलाड़ियों को प्रशिक्षित करने की है उम्मीद

विकास गोप ने इस चयन को अपने लिए गर्व का विषय बताया। उन्होंने उम्मीद जताई कि पाठ्यक्रम के दौरान सीखी गई तकनीकों और कोचिंग पद्धतियों का इस्तेमाल भारत में आर्टिस्टिक स्विमिंग के विकास के लिए किया जा सकेगा।

उनका प्रयास युवा खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण देना और इस खेल के प्रति रुचि बढ़ाना है।

विकास की इस उपलब्धि पर झारखंड तैराकी संघ ने भी प्रसन्नता जताई है। संघ के शैलेंद्र कुमार तिवारी ने उन्हें बधाई देते हुए इसे राज्य के खेल जगत के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।

अब इस अंतरराष्ट्रीय प्रशिक्षण से हासिल होने वाले अनुभव और ज्ञान के जरिए झारखंड समेत देश में कलात्मक तैराकी को बढ़ावा देने की उम्मीद की जा रही है।

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