Friday, October 16, 2026

विकास कार्यों में भेदभाव का आरोप, मेयर और डिप्टी मेयर के खिलाफ उतरे पार्षद.

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गिरिडीह: नगर निगम क्षेत्र में विकास कार्यों को लेकर जनप्रतिनिधियों के बीच असंतोष सामने आया है। तीन वार्डों के प्रतिनिधियों ने मेयर और डिप्टी मेयर पर विकास योजनाओं में भेदभाव करने का आरोप लगाया है। शुक्रवार को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में वार्ड पार्षद संजीव सिंह गुड्डू, दीपक यादव और पार्षद प्रतिनिधि मिथुन चंद्रवंशी ने अपने-अपने क्षेत्रों की समस्याएं उठाते हुए नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए।

अपने वार्डों में विकास कार्य नहीं होने का आरोप

प्रेस कॉन्फ्रेंस में जनप्रतिनिधियों ने कहा कि जनता ने उन्हें अपने वार्ड की समस्याओं को नगर निगम तक पहुंचाने और विकास कार्य कराने की जिम्मेदारी दी है। इसके बावजूद, उनके मुताबिक, उनकी मांगों पर अपेक्षित ध्यान नहीं दिया जा रहा है।

पार्षदों का आरोप है कि उनके क्षेत्रों में विकास कार्यों को पर्याप्त प्राथमिकता नहीं मिल रही है। उन्होंने नगर निगम से सभी वार्डों में समान रूप से विकास कार्य कराने की मांग की।

मेयर और डिप्टी मेयर पर लगाए गंभीर आरोप

तीनों प्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि मेयर और डिप्टी मेयर के करीबी लोगों को काम देने में प्राथमिकता दी जा रही है, जबकि दूसरे क्षेत्रों की समस्याओं की अनदेखी हो रही है। उन्होंने इस व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि विकास योजनाओं का आधार राजनीतिक विचारधारा या व्यक्तिगत नजदीकी नहीं, बल्कि जनता की जरूरतें होनी चाहिए।

हालांकि, ये आरोप पार्षदों की ओर से लगाए गए हैं। उपलब्ध जानकारी में इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और न ही मेयर तथा डिप्टी मेयर का पक्ष सामने आया है।

पानी की समस्या को लेकर भी जताई नाराजगी

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान शहर में पेयजल संकट का मुद्दा भी उठाया गया। पार्षदों ने कहा कि पानी जैसी बुनियादी जरूरत से जुड़ी समस्या का समाधान प्राथमिकता के आधार पर होना चाहिए। उनके अनुसार, लोगों को नियमित राहत नहीं मिलने से परेशानी बनी हुई है।

उन्होंने नगर निगम से पेयजल सहित अन्य स्थानीय समस्याओं के समाधान के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की।

राजनीतिक विचारधारा के आधार पर भेदभाव का दावा

पार्षदों ने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा से जुड़ी उनकी राजनीतिक विचारधारा के कारण उनके वार्डों में विकास कार्यों को प्राथमिकता नहीं दी जा रही है। उनका कहना है कि नगर निगम को राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर जनहित में काम करना चाहिए।

उन्होंने मांग की कि सभी वार्डों की समस्याओं का आकलन कर जरूरत के अनुसार विकास योजनाएं लागू की जाएं, ताकि नागरिकों को बुनियादी सुविधाएं मिल सकें।

निष्पक्ष विकास की मांग, निगम के जवाब का इंतजार

तीनों जनप्रतिनिधियों ने नगर निगम से अपने वार्डों की समस्याओं का समाधान करने और विकास योजनाओं में निष्पक्षता बरतने की अपील की। इस घटनाक्रम से गिरिडीह नगर निगम में विकास कार्यों की प्राथमिकता और वार्डों के बीच संसाधनों के वितरण को लेकर सवाल उठे हैं।

अब इस मामले में मेयर और डिप्टी मेयर की प्रतिक्रिया महत्वपूर्ण होगी। उनका पक्ष सामने आने के बाद विवाद और लगाए गए आरोपों पर स्थिति अधिक स्पष्ट हो सकेगी।                                                                     BHARATSUPERFASTNEWS

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