Saturday, October 17, 2026

रुपये बांटने के आरोपों पर प्रशांत किशोर का पलटवार, BJP ने की जांच की मांग.

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पटना: बिहार विधान परिषद चुनाव के बीच कथित तौर पर रुपये बांटने से जुड़ी एक तस्वीर वायरल होने के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। बीजेपी प्रवक्ता दानिश इकबाल ने तस्वीरों की जांच कराने और चुनाव आयोग से मामले का संज्ञान लेने की मांग की है। वहीं, जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने इन आरोपों को खारिज करते हुए वायरल वीडियो की निष्पक्ष जांच कराने की चुनौती दी है।

यह विवाद ऐसे समय सामने आया है, जब पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से जन सुराज के प्रत्याशी डॉ. अनुज कुमार सिंह के समर्थन में प्रशांत किशोर चुनाव प्रचार कर रहे थे।

वायरल तस्वीरों पर BJP ने उठाए सवाल

बीजेपी प्रवक्ता दानिश इकबाल ने दावा किया कि बिहार एमएलसी चुनाव के दौरान जन सुराज की प्रचार सामग्री के साथ नोटों के बंडल की तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। उन्होंने इसे गंभीर मामला बताते हुए चुनाव आयोग से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की।

दानिश इकबाल के मुताबिक, तस्वीरों की प्रामाणिकता, नकदी के स्रोत और कथित तौर पर रुपये बांटने में शामिल लोगों की पहचान की जानी चाहिए। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी पाए जाने वाले व्यक्तियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग भी की।

हालांकि, वायरल तस्वीरों के आधार पर अपने आप यह साबित नहीं होता कि मतदाताओं को पैसे बांटे गए हैं। मामले में आरोपों की पुष्टि के लिए स्वतंत्र जांच जरूरी है।

प्रशांत किशोर ने आरोपों को किया खारिज

जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने रुपये बांटने के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए बीजेपी पर निशाना साधा। उन्होंने सवाल उठाया कि जब केंद्र और बिहार में बीजेपी के पास व्यापक राजनीतिक और आर्थिक संसाधन हैं, तो उनकी पार्टी पर धन बांटने के आरोप क्यों लगाए जा रहे हैं।

प्रशांत किशोर ने कहा कि वायरल वीडियो की जांच होनी चाहिए, ताकि पूरे मामले की सच्चाई सामने आ सके। उन्होंने आरोपों को खारिज करते हुए दावा किया कि निष्पक्ष जांच से स्पष्ट हो जाएगा कि कथित घटना के पीछे कौन लोग हैं।

फिलहाल, उपलब्ध जानकारी के आधार पर वायरल तस्वीर या वीडियो की प्रामाणिकता और उसमें दिखाई गई नकदी के उद्देश्य की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर भी साधा निशाना

चुनाव प्रचार के दौरान प्रशांत किशोर ने बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की शैक्षणिक योग्यता और कथित आपराधिक मामलों को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने मुख्यमंत्री पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि यदि उनके बयान गलत हैं, तो सरकार उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई करे।

प्रशांत किशोर ने मुख्यमंत्री पर सातवीं कक्षा तक की पढ़ाई और सात हत्याओं से जुड़े आरोपों का उल्लेख किया। ये दावे प्रशांत किशोर के राजनीतिक बयान का हिस्सा हैं; इन्हें स्वतंत्र रूप से सत्यापित तथ्य के रूप में प्रस्तुत नहीं किया जा सकता।

उन्होंने यह भी कहा कि उनके बयान को संदर्भ से अलग करके पेश नहीं किया जाना चाहिए। मुख्यमंत्री के खिलाफ लगाए गए आरोपों की पुष्टि के लिए शैक्षणिक अभिलेखों और संबंधित कानूनी दस्तावेजों की जांच आवश्यक है।

जांच के बाद ही स्पष्ट होगी तस्वीर

बिहार विधान परिषद चुनाव के बीच सामने आए इस विवाद में फिलहाल दो प्रमुख पक्ष हैं। बीजेपी ने वायरल तस्वीरों के आधार पर जांच की मांग की है, जबकि प्रशांत किशोर ने आरोपों को खारिज करते हुए वीडियो की निष्पक्ष जांच कराने की बात कही है।

अब मामले में तस्वीरों और वीडियो की प्रामाणिकता, नकदी के स्रोत तथा कथित वितरण से जुड़े तथ्यों की जांच महत्वपूर्ण होगी। आधिकारिक जांच या विश्वसनीय दस्तावेज सामने आने के बाद ही आरोपों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

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