रांची: झारखंड सरकार ने राज्य के सबसे बड़े चिकित्सा संस्थान रिम्स (RIMS) में स्नातक (UG), स्नातकोत्तर (PG) और सुपर स्पेशियलिटी पाठ्यक्रमों की सीटों में बड़े पैमाने पर वृद्धि की तैयारी शुरू कर दी है. स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह ने 09 जून को रिम्स निदेशक को पत्र भेज कर केंद्र प्रायोजित योजना के तहत सीट विस्तार का प्रस्ताव तैयार कर राज्य सरकार को भेजने का निर्देश दिया है.
अपर मुख्य सचिव(स्वास्थ्य) द्वारा रिम्स निदेशक को लिखे पत्र के अनुसार भारत सरकार की केंद्र प्रायोजित योजना के तहत मेडिकल कॉलेजों में प्रत्येक अतिरिक्त सीट के लिए 1.5 करोड़ रुपये तक की वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जाती है, जिसमें 60 प्रतिशत राशि केंद्र सरकार और 40 प्रतिशत राज्य सरकार वहन करती है. रिम्स में प्रस्तावित सीट वृद्धि की कुछ इस तरह की है योजना.
पाठ्यक्रम- MBBS(UG)
- वर्तमान सीटें- 180
- प्रस्तावित सीटें-250
पाठ्यक्रम-PG
- वर्तमान सीट-176
- प्रस्तावित सीट-275
पाठ्यक्रम:Super Speciality
- वर्तमान सीट-11
- प्रस्तावित सीट- 100
स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव एके सिंह ने रिम्स प्रबंधन को निर्देश दिया है कि प्रस्ताव के अनुसार आवश्यक भवन, आधारभूत संरचना, उपकरण और मानव संसाधन की जरूरतों का आकलन करते हुए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार की जाए. प्रस्ताव को शासी परिषद की स्वीकृति के बाद राज्य सरकार के माध्यम से केंद्र सरकार को भेजा जाएगा.
पुराने भवनों के पुनर्निर्माण की भी है योजना
अपर मुख्य सचिव की ओर से रिम्स निदेशक को लिखे पत्र में कहा गया है कि जिन पुराने भवनों का जीर्णोद्धार संभव नहीं है, उन्हें ध्वस्त कर नए भवनों के निर्माण का प्रस्ताव भी परियोजना में शामिल करें. आवश्यकता के अनुसार नए शैक्षणिक एवं चिकित्सा भवनों का निर्माण कर सीट वृद्धि के लिए जरूरी बुनियादी ढांचा विकसित करें.
छात्रावास निर्माण PPP मॉडल पर
सरकार ने रिम्स-2 परियोजना के तहत छात्रावास निर्माण को सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) मॉडल पर विकसित करने का भी सिद्धांततः निर्णय लिया है. इसके लिए भारत सरकार से VGF (Viability Gap Funding) के तहत अनुदान प्राप्त करने की संभावना तलाशने को कहा गया है. विभाग का मानना है कि PPP मॉडल अपनाने से राज्य सरकार पर वित्तीय बोझ कम होगा, जबकि छात्रावासों के रख-रखाव और सुविधाओं के संचालन में निजी भागीदारी का लाभ मिलेगा. रिम्स परिसर में पहले से मौजूद छात्रावासों के उन्नयन और नए छात्रावासों की आवश्यकता का आकलन कर प्रस्ताव तैयार करने को भी रिम्स निदेशक को कहा गया है.
झारखंड में चिकित्सा शिक्षा को मिलेगा बड़ा बल
यदि यह प्रस्ताव स्वीकृत हो जाता है तो रिम्स पूर्वी भारत के प्रमुख मेडिकल शिक्षा एवं सुपर स्पेशियलिटी प्रशिक्षण केंद्रों में शामिल हो सकता है. इससे न केवल झारखंड में डॉक्टरों और विशेषज्ञ चिकित्सकों की संख्या बढ़ेगी, बल्कि राज्य के छात्रों को उच्च चिकित्सा शिक्षा के लिए अन्य राज्यों पर निर्भरता भी कम करनी पड़ेगी. साथ ही राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने में भी यह कदम महत्वपूर्ण साबित हो सकता है.
MGM और SNMMCH में बढ़ चुकी हैं सीटें
केंद्र सरकार द्वारा मेडिकल संस्थानों में UG, PG की सीटों को बढ़ाने की योजना के अंतर्गत पहले ही महात्मा गांधी मेमोरियल चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल, जमशेदपुर में यूजी सीटों को 150 से बढ़ाकर 250 तथा पीजी सीटों को 49 से बढ़ाकर 200 करने का प्रस्ताव भारत सरकार को भेजा गया था, जिसकी स्वीकृति प्राप्त हो चुकी है. इसी प्रकार शहीद निर्मल महतो चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल, धनबाद में यूजी सीटों को 100 से बढ़ाकर 250 और पीजी सीटों को 19 से बढ़ाकर 200 करने के प्रस्ताव को भी भारत सरकार द्वारा मंजूरी दी जा चुकी है.
इसी क्रम में अब रिम्स, रांची के लिए भी महत्वाकांक्षी विस्तार योजना तैयार की जा रही है. प्रस्तावित योजना के अनुसार यूजी सीटों की संख्या 180 से बढ़ाकर 250, पीजी सीटों की संख्या 176 से बढ़ाकर 275 तथा सुपर स्पेशियलिटी सीटों की संख्या 11 से बढ़ाकर 100 करने का लक्ष्य रखा गया है. इसके लिए रिम्स प्रशासन को आवश्यक संरचना, भवन, उपकरण एवं अन्य संसाधनों का विस्तृत प्रस्ताव तैयार कर शासी परिषद की स्वीकृति के बाद राज्य सरकार को भेजने का निर्देश दिया गया है, ताकि प्रस्ताव को भारत सरकार को अग्रसारित किया जा सके.


